जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनायी ,हत्या के एक मामले में उम्र कैद की सजा ।
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से ब्यूरोरिपोर्ट:-
बेतिया(आ.स.से) जिला एवं सत्र न्यायाधीश बेतिया पश्चिम चंपारण में हत्या के एक मामले में सुनवाई पूरी करने के पश्चात आज 4 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है,तथा ₹20000 की जुर्माना मुकर्रर किया है ।साथ ही उसी केस में एक को दोष मुक्त किया है। जबकि एक अभियुक्त सुनवाई के क्रम में ही पूर्व में मर चुका है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक अरविंद सिंह ने बताया की गत 9 वर्ष पूर्व शिकारपुर थाना क्षेत्र में सड़क के विवाद को लेकर हुई मारपीट की एक घटना में पिता एवं पुत्र की मृत्यु हो गई थी। मृतक के भतीजा ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। जिसमेे कुल छह लोग अभियुक्त बनाए गए थे। घटना का कारण सड़क का विवाद था ।उस वक्त सड़क के विवाद को लेकर सीताराम महतो एवं उनके पुत्र काशी महतो को लाठी एवं फरसा से मार कर बुरी तरह से लोगों ने घायल कर दिया था ।जिन्हें चिकित्सा के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था ।चिकित्सा के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई थी। मृत्यु पश्चात मृतकों के भतीजा रंजीत कुमार कुशवाहा ने शिकारपुर थाने में भादवि की धारा 302 के तहत कांड संख्या 124 वर्ष 2009 दिनांक 9 जून को मामला दर्ज कराया था ।दर्ज प्राथमिकी में सुकाई महतो अवधेश प्रसाद ,मुकुर धुन महतो, धर्मा महत्तो ,जितेंद्र महतो, गौरी शंकर महतो ,को अभियुक्त बनाया था ।दोनों पक्षों की सुनवाई लगभग 9 वर्ष तक चली ।पक्ष विपक्ष की पूरी दलील सुनने के पश्चात जिला सत्र न्यायाधीश ने अवधेश प्रसाद को दोषमुक्त करते हुए ,मुकुर धुन महतो, धर्मा महतो, जितेंद्र शाह, गौरी शंकर शाह, को उम्र कैद की सजा सुनाई। तथा ₹20000 अर्थदंड मुकर्रर किया ।मुकदमे की पूरी सुनवाई के दौरान मृतकों के पक्ष से अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने अपनी दलील रखी जबकि सरकारी अधिवक्ता अरविंद सिंह ने सरकार की तरफ से अपनी पूरी ताकत के साथ पक्ष रखा। दोनों अधिवक्ताओं की सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने आज
उम्र कैद की सजा सुनाई।
बेतिया(आ.स.से) जिला एवं सत्र न्यायाधीश बेतिया पश्चिम चंपारण में हत्या के एक मामले में सुनवाई पूरी करने के पश्चात आज 4 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है,तथा ₹20000 की जुर्माना मुकर्रर किया है ।साथ ही उसी केस में एक को दोष मुक्त किया है। जबकि एक अभियुक्त सुनवाई के क्रम में ही पूर्व में मर चुका है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक अरविंद सिंह ने बताया की गत 9 वर्ष पूर्व शिकारपुर थाना क्षेत्र में सड़क के विवाद को लेकर हुई मारपीट की एक घटना में पिता एवं पुत्र की मृत्यु हो गई थी। मृतक के भतीजा ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। जिसमेे कुल छह लोग अभियुक्त बनाए गए थे। घटना का कारण सड़क का विवाद था ।उस वक्त सड़क के विवाद को लेकर सीताराम महतो एवं उनके पुत्र काशी महतो को लाठी एवं फरसा से मार कर बुरी तरह से लोगों ने घायल कर दिया था ।जिन्हें चिकित्सा के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था ।चिकित्सा के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई थी। मृत्यु पश्चात मृतकों के भतीजा रंजीत कुमार कुशवाहा ने शिकारपुर थाने में भादवि की धारा 302 के तहत कांड संख्या 124 वर्ष 2009 दिनांक 9 जून को मामला दर्ज कराया था ।दर्ज प्राथमिकी में सुकाई महतो अवधेश प्रसाद ,मुकुर धुन महतो, धर्मा महत्तो ,जितेंद्र महतो, गौरी शंकर महतो ,को अभियुक्त बनाया था ।दोनों पक्षों की सुनवाई लगभग 9 वर्ष तक चली ।पक्ष विपक्ष की पूरी दलील सुनने के पश्चात जिला सत्र न्यायाधीश ने अवधेश प्रसाद को दोषमुक्त करते हुए ,मुकुर धुन महतो, धर्मा महतो, जितेंद्र शाह, गौरी शंकर शाह, को उम्र कैद की सजा सुनाई। तथा ₹20000 अर्थदंड मुकर्रर किया ।मुकदमे की पूरी सुनवाई के दौरान मृतकों के पक्ष से अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने अपनी दलील रखी जबकि सरकारी अधिवक्ता अरविंद सिंह ने सरकार की तरफ से अपनी पूरी ताकत के साथ पक्ष रखा। दोनों अधिवक्ताओं की सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने आज
उम्र कैद की सजा सुनाई।
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