महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़, हर-हर महादेव के जयकारे,
सरस् संगम (कार्यलय)बगहा/
चौतरवा क्षेत्र से प्रभात कुमार मिश्रा की रिपोर्ट:-
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर लगुनाहा खाखी बाबा मंदिर परिसर एवं पतिलार बहुरहिया माई मंदिर के शिवालय,भक्तों की सुबह से ही भीड़ रही। चौतरवा क्षेत्र के सभी मंदिर में सोमवार को भगवान शिव के जयकारे गूंजने लगे।और मंदिर के आस-पास तरह-तरह की दुकानें सजी रही। लोग तरह-तरह की चीजें खरीदने में व्यस्त रहे। शिवालय मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने बेर और फूल बेलपत्री से भगवान शिव की पूजा की। वही शिवरात्रि पूजा को देखते हुए,शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रसासन ततपर दिखाई दिया। वही चौतरवा थाना क्षेत्र के शिवमंदिर और पुराना शिवालय में सुबह तीन बजे से ही महिलाएं बड़ी संख्या में शिव दर्शन के लिए पहुंचने लगी थी। दूध और दही से शिवलिंग को स्नान कराया गया। पुजारी सुरेश दास,राकेश शुक्ला, संजय तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व पर हर भक्त भगवान शिव को प्रसन्न कर मनोकामना पूरी कर लेना चाहता है।वही पंडित गुलाब मिश्र ने बताया कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि आती है। इस दिन मध्यरात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महाशिवरात्रि को कालरात्रि भी कहा जाता है। भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से की जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी करते हैं। सभी मंदिर कमेटी की ओर से भजन कृतंन एवं भव्य मेले का आयोजन किया गया। जलेबी, चाउमीन, पकौड़ी, मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर खरीददारों की जमकर भीड़ लगी रही।
चौतरवा क्षेत्र से प्रभात कुमार मिश्रा की रिपोर्ट:-
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर लगुनाहा खाखी बाबा मंदिर परिसर एवं पतिलार बहुरहिया माई मंदिर के शिवालय,भक्तों की सुबह से ही भीड़ रही। चौतरवा क्षेत्र के सभी मंदिर में सोमवार को भगवान शिव के जयकारे गूंजने लगे।और मंदिर के आस-पास तरह-तरह की दुकानें सजी रही। लोग तरह-तरह की चीजें खरीदने में व्यस्त रहे। शिवालय मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने बेर और फूल बेलपत्री से भगवान शिव की पूजा की। वही शिवरात्रि पूजा को देखते हुए,शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रसासन ततपर दिखाई दिया। वही चौतरवा थाना क्षेत्र के शिवमंदिर और पुराना शिवालय में सुबह तीन बजे से ही महिलाएं बड़ी संख्या में शिव दर्शन के लिए पहुंचने लगी थी। दूध और दही से शिवलिंग को स्नान कराया गया। पुजारी सुरेश दास,राकेश शुक्ला, संजय तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व पर हर भक्त भगवान शिव को प्रसन्न कर मनोकामना पूरी कर लेना चाहता है।वही पंडित गुलाब मिश्र ने बताया कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि आती है। इस दिन मध्यरात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महाशिवरात्रि को कालरात्रि भी कहा जाता है। भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से की जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी करते हैं। सभी मंदिर कमेटी की ओर से भजन कृतंन एवं भव्य मेले का आयोजन किया गया। जलेबी, चाउमीन, पकौड़ी, मिठाई और कपड़ों की दुकानों पर खरीददारों की जमकर भीड़ लगी रही।
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