वतन से मोहब्बत करना हमारे ईमान का हिस्सा
सरस् संगम(कार्यलय)बगहा/चौतरवा से पिन्टू कुमार की रिपोर्ट:-
बगहा-1प्रखंड के पंचायत राज सिसवा बसंतपुर ग्राम बसंतपुर में स्थित हाफिज इरसाद,मौलाना क्यामुल हक, रौनक अली नदवी,बदरे आलम ने दारुल यतमा इतहादे मिलत कांफ्रेंस का आयोजन किया। जिसमें ग्रामीण लोग भारी तादात में एवं दूर दराज से इस दरगाह पर शिरकत करने के लिए आए। जलसे का आगाज रौनक अली नदवी, और मौलाना क्यामूल हक ने किया, उन्होंने कहा कि हमें अपने मुल्क से मोहब्बत दिलों जान से करना चाहिए इस लिए कि हमारे पैगंबर मोहम्मद साहब ने फरमाया कि जिस मुल्क में रहो उस मुल्क से प्यार करो, उस मुल्क के लिए अपनी जान दे दो, आप अपने पड़ोसियों के साथ अच्छा सुलूक करो, उनका हमेशा ख्याल रखो।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते
हुए,पटना से आये हुए मुफ्ती सकील साहब ने कहा कि ये दरगाह एक ऐसे आलीम की दरगाह है जहां हर धर्म के लोग आते हैं और उनका मानना है कि उनकी मुरादे भी पूरी होती हैं।
नेपाल से आये हुए, फैयाज फैजी ने अपने मीठी आवाज में बेहतरीन नात पेश किया, दरगाह के मौलाना मोहम्मद अहमद ने उर्स में आए हुए सभी लोगों का इस्तकबाल किया और शुक्रिया अदा किया। वही हिदुस्तान से आये हुए बड़े-बड़े वक्ता कवि एवं मौलाना, ने अपने मीठी मुखार बिंदु से नजराना पेस किया।इस अवसर बाहर से मुख्य अतिथि के रूप में कुरान घर ऐकेडमी के डायरेक्टर रिजवान रियाजी,
मौलाना सदरे आलम,अब्दुल वाजिद,कारी खुर्शीद आलम,कारी असरफ अली,कारी अब्बू हुजैफा,मौलाना वसिरुदीन साहब,मौलाना कारी अमीद हुसैन एवं तमाम मुस्लिम गुरु उपस्थित रहे।

बगहा-1प्रखंड के पंचायत राज सिसवा बसंतपुर ग्राम बसंतपुर में स्थित हाफिज इरसाद,मौलाना क्यामुल हक, रौनक अली नदवी,बदरे आलम ने दारुल यतमा इतहादे मिलत कांफ्रेंस का आयोजन किया। जिसमें ग्रामीण लोग भारी तादात में एवं दूर दराज से इस दरगाह पर शिरकत करने के लिए आए। जलसे का आगाज रौनक अली नदवी, और मौलाना क्यामूल हक ने किया, उन्होंने कहा कि हमें अपने मुल्क से मोहब्बत दिलों जान से करना चाहिए इस लिए कि हमारे पैगंबर मोहम्मद साहब ने फरमाया कि जिस मुल्क में रहो उस मुल्क से प्यार करो, उस मुल्क के लिए अपनी जान दे दो, आप अपने पड़ोसियों के साथ अच्छा सुलूक करो, उनका हमेशा ख्याल रखो।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते
हुए,पटना से आये हुए मुफ्ती सकील साहब ने कहा कि ये दरगाह एक ऐसे आलीम की दरगाह है जहां हर धर्म के लोग आते हैं और उनका मानना है कि उनकी मुरादे भी पूरी होती हैं।
नेपाल से आये हुए, फैयाज फैजी ने अपने मीठी आवाज में बेहतरीन नात पेश किया, दरगाह के मौलाना मोहम्मद अहमद ने उर्स में आए हुए सभी लोगों का इस्तकबाल किया और शुक्रिया अदा किया। वही हिदुस्तान से आये हुए बड़े-बड़े वक्ता कवि एवं मौलाना, ने अपने मीठी मुखार बिंदु से नजराना पेस किया।इस अवसर बाहर से मुख्य अतिथि के रूप में कुरान घर ऐकेडमी के डायरेक्टर रिजवान रियाजी,
मौलाना सदरे आलम,अब्दुल वाजिद,कारी खुर्शीद आलम,कारी असरफ अली,कारी अब्बू हुजैफा,मौलाना वसिरुदीन साहब,मौलाना कारी अमीद हुसैन एवं तमाम मुस्लिम गुरु उपस्थित रहे।
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