सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया/मझौलीया संवाद सुत्र:- मझौलिया लोकायुक्त के यहां किए गए शिकायत की जांच शुक्रवार को 2 सदस्य टीम ने की छात्रों ने चीनी मिल की राख तथा गंदे बदबूदार पानी से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव होने की बात जांच दल से की जांच दल में माध्यमिक शिक्षा बिहार के निदेशक पटना गिरिवर दयाल सिंह तथा बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन अशोक घोष शामिल शुक्रवार को मझौलिया चीनी मिल द्वारा निर्गत राख एवं गंदे बदबूदार पानी से हो रहे घातक प्रभाव को लेकर पूर्व में किए गए लोकायुक्त के यहां शिकायत की जांच करने माध्यमिक शिक्षा बिहार पटना के निदेशक गिरवर दयाल सिंह और बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन अशोक घोष ने स्थानीय मोतीलाल हाई स्कूल के छात्रों से गहन पूछताछ की छात्रों ने बताया कि चीनी मिल की राख से उनके कपड़े तो गंदे हो जाते ही हैं सांस के द्वारा अंदर जाने पर घातक प्रभाव छोड़ते हैं कुछ छात्रों ने बताया कि सांस लेने में भी परेशानी होती है वहीं चीनी मिल द्वारा गंदे एवं बदबूदार पानी छोड़ने के कारण वातावरण पूरी तरह बदबूदार हो जाता है जिसका असर भी उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है इस कारण उनके पठन-पाठन में काफी बाधा उत्पन्न हो जाती है अधिकारी दुबे के सामने छात्रों ने जोरदार शब्दों में कहा कि जब चीनी मिल का पेराई सत्र प्रारंभ हो जाता है तो उनको आने जाने मैं बाधा उत्पन्न होती ही है राख और गंदे बदबूदार पानी से पठन-पाठन में काफी समस्या हो जाती है स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है माध्यमिक शिक्षा के निदेशक श्री सिंह द्वारा बच्चों से बारी बारी से पूछताछ किया गया इसमें बच्चों ने लोक आयुक्त के यहां दिए गए शिकायत पर सत्यता की मुहर लगा दी अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक के कक्ष में एक बार फिर से छात्रों को बुलाकर गहन पूछताछ की सवालों को उलटफेर करके भी पूछा फिर भी छात्रों ने अपने पूर्व के बयान को सही बताया प्रदूषण बोर्ड के चेयरमैन अशोक घोष द्वारा विद्यालय शिक्षक सुनीत कुमार चौबे और रमेश दुबे से पूछताछ किया तो दोनों शिक्षकों ने भी अधिकारियों को बताया कि छात्रों का कथन सत्य है इस बाबत चीनी मिल प्रबंधन से शिकायत किया जाता है तो मिल प्रबंधन टालमटोल की नीति अपनाता है बताते चलें कि चीनी मिल द्वारा विद्यालय चहारदीवारी के बगल में फ्रेश मड रखा जाता था जो इस बार गन्ना वाहन पड़ाव के रूप में तब्दील कर दिया गया है छात्रों का कहना था कि फ्रेश मॉड के कारण उसकी गंदगी की महक के कारण बदबू के कारण उनका पठन-पाठन दुर्लभ हो गया था वहीं गन्ना लदे वाहनों की जाम से आने जाने में भी काफी कठिनाई होती है विद्यालय के ठीक सामने गंदा पानी प्रवाहित करने का नाला है जिस की बदबू से परेशानी होती है विदित हो कि जांच करने आए अधिकारियों ने चीनी मिल के अंदर जल शुद्धीकरण यंत्र पंप हाउस बिजली बोर्ड मीटर जल निकासी नाला आदि का गहन जांच किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश चीनी मिल के अधिकारियों को दिया तदुपरांत जांच अधिकारियों ने चीनी मिल के नवनिर्मित पोखरा की भी जांच की और पानी का सैंपल अपने साथ ले गए अधिकारियों ने चीनी मिल के जल निकासी नाले की गहन जांच करते हुए उसका भी पानी का सैंपल साथ लेकर गए अधिकारियों ने मिल प्रबंधन से चिमनी से उड़ती राख व गंदे बदबूदार पानी के आरोप को गंभीरता से लेने की हिदायत दी तथा कहा कि बच्चे साजिश नहीं रचते हैं बच्चों की शिकायत का निराकरण हम सबको करना है उनकी शिकायत उनकी समस्या का समाधान होना चाहिए इस जांच के समय मिल प्रबंधन की तरफ से निदेशक सीएल शुक्ला गन्ना महाप्रबंधक जय प्रकाश त्रिपाठी जीएम टेक्निकल विजय कुमार दीक्षित जीएम प्रोडक्शन सर्वेश दुबे अधिकारियों के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे वहीं विद्यालय प्रधानाध्यापक कक्ष में प्रधानाध्यापक मोहम्मद शिवली सहित डब्लू जी रमेश दुबे डीपी ओ सुनीता सुमन जिला शिक्षा पदाधिकारी हरेंद्र झा डीडीसी रविंद्र प्रसाद सिंह एसडीएम विद्यानंद पासवान वीडियो गुरुदेव प्रसाद गुप्ता सी प्रवीण कुमार सिन्हा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किरण मिश्रा थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता आदि उपस्थित थे निदेशक श्री सिंह ने वीडियो और सी ओ को चीनी मिल द्वारा सड़कों के किनारे जल छिड़काव की अद्यतन रिपोर्ट तैयार कर भेजने की बात कही बताया जाता है कि वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण किसी का लगभग 3 वर्ष पूर्व मोतीलाल हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद शिवली और राजद महासचिव आर त सिंह द्वारा लोकायुक्त बिहार को लिखित शिकायत की गई थी इस जांच को लेकर शुक्रवार को मझौलिया चीनी मिल सहित विद्यालय मैं गहमागहमी रहा। चीनी मिल के निदेशक सीएल शुक्ला ने बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य एवं राहगीरों के आने जाने में कठिनाई नहीं हो इसके लिए पड़ाव की व्यवस्था की गई है तकनीकी गड़बड़ी होने पर ही सड़क के किनारे वाहनों को रखा जाता है वहीं जल शुद्धिकरण के लिए प्लांट लगाया गया है ढाई करोड़ की लागत से पोखरा का निर्माण कराया गया है जिसमें पाइप के द्वारा उपचारित जल को प्रवाहित किया जाता है

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