मुख्य न्यायधीश ने पन्द्रह न्यायलीय भवन का किया उद्घाटन
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से ब्यूरो रिपोर्ट:-
बेतिया 17 मार्च(आ.स.से) पश्चिम चंपारण जिला के व्यवहार न्यायालय के प्रांगण में आज पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी के शाही ने नवनिर्मित पन्द्रह न्यायलीय भवन एवं जिरण आधारित कार्यालय का उद्घाटन किया।
पश्चिम चंपारण जिला के चार दिन के प्रवास में आज दूसरे दिन बेतिया व्यवहार न्यायालय के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में लोगो के विश्वास को कायम रखना एक चुनौती है जिसको हर हाल में अधिवक्ता और न्यायपालिका के लोग कायम रखेंगे। 1961 में अधिवक्ता अधिनियम बना तो उसमें अधिवक्ताओं को यह एकाधिकार दिया गया कि न्यायालय व्यवस्था में केवल अधिवक्ता ही रहेंगे और भी न्यायालय की मदद करेंगे न्यायाधीश से वकीलों के बीच जब किसी मामले की सुनवाई के दौरान जीत होती है तू उस समय न्यायाधीश भी सुनवाई के क्रम में सत्य की खोज करता है अधिवक्ता भी सत्य की खोज करते हैं न्यायाधीश के सामने दर्शाते हैं अधिवक्ताओं को सत्य की खोज उस वक्त तक करना चाहिए जब तक कि किसी मामले का सच्चाई परत दर परत खुल कर सामने नहीं आ जाए आज समाज में नैतिक मूल्यों अभाव से गुजर रहा है इसमें पीड़ा होती है इस पूजा को भी सहने चाहिए समाज में वकीलों का संबंध न्यायाधीशों से अच्छा है य ब्लैक कार क्षमता से सिद्ध करना चाहिए जिसमें शिष्टता और भाव हमेशा चमकती रहे इसी क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने बीजापुर के सुल्तान का वजीर की एक कहानी सुनाते हुए काहे की बीजापुर के सुल्तान का वजीर वहां काका जी था तथा उसका लड़का किसी अपराध के मामले में फस गया जिसकी सुनवाई काजी को करनी पड़ी सुनवाई के पश्चात का जी ने अपने पुत्र के विरुद्ध घटना सत्य पाकर उसे 40 कोड़े मारने की सजा सुनाई तथा अपने जला दो को आदेश दिया कि कोड़े बरसाए जाएं घोड़ा मारने के क्रम में 20 से 22 कूड़े तक वजीर के लड़के पर पड़ी थी कि वह बेहोश हो गया और उसकी मृत्यु हो गई बेटे के जनाजा को लेकर काजी कब्र का आ गया और उसे दफन किया दफन करने के पश्चात दी गई सजा में से बचे अट्ठारह कोलेको उसके कब्र पर बरसाई यह कहानी का कर मुख्य न्यायाधीश ने उपस्थित तमाम न्यायाधीशों अधिवक्ताओं को इशारों ही इशारों में सारी बातें कर दी इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश शाही ने न्यायाधीशों से अनुरोध किया कि वे 10:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक के न्यायाधीश नहीं है वे 24 घंटे न्यायधीश है तथा उन्हें सभी क्षेत्रों में न्यायधीश के दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए न्यायिक प्रक्रिया में सब को एक समान दिखना चाहिए तथा सूर्य से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए सूर्य सुबह में उगता है धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और फिर शाम में अस्त होता है इसके साथ ही उन्होंने शायर इकबाल पर भी उनके शायरी का जिक्र करते हुए कहा कि आजाद कर दो मुझको मुझे कैद करने वालों मैं पंछी बिना पंख का छोड़ कर मुझ से दुआ लो उन्होंने कहा कि इस दुनिया में बहुत कठिन है किसी के ज़िद को तोड़ना तथा उसे मना लेना वकीलों का काम न्यायाधीशों के प्रति ठीक उसी तरह का है अपने मामले को न्यायालय में वकील रखता है तथा न्यायाधीश अपने जिद पर अड़े रहता है वैसी हालत में अपनी भाषा पर संयम बरतते हुए विषय वस्तु पर फोकस करना चाहिए आगे उन्होंने अधिवक्ताओं के बारे में कहा कि अधिवक्ता कभी किसी से कुछ मांगता नहीं है वक्य वाला ग्रह करता है वकील समाज का फेसबुक है इस बात का हमेशा ख्याल करना चाहिए जैसे आप लोग न्यायालय एवं उसकी व्यवस्था को फेसबुक पर डालेंगे वैसे ही लोग देखेंगे उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति जब शारीरिक पीड़ा में होता है तो चिकित्सालय जाता है दूसरी तरह की पीड़ा होती है तो न्यायालय जाता है इसलिए न्यायालय में वकील के बीच के संबंध को समाज के सामने बेहतर तरीके से प्रदर्शित करना चाहिए उपर सारी बातें आज बेतिया न्यायालय परिसर में समारोह पूर्वक आयोजित नवनिर्मित 15 न्यायालय भवन के उद्घाटन के पश्चात दीप प्रज्वलित कर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कही उक्त मौके पर निरक्षी न्यायधीश पटना उच्च न्यायलय चक्रधारी सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्ष बेतिया व्यवहार न्यायलय के स्वर्णिम काल मे से एक माना जायेगा। मुख्य न्यायधीश यहां प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रशंसा जाहिर की मंच का संचालन वरीय अधिवक्ता रमेश चंद्र पाठक नीति जबकि समारोह का समापन जिलाधिकारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ इस कार्यक्रम के मौके पर आरक्षी अधीक्षक जयंत कांत अनुमंडल पदाधिकारी विद्यानंद पासवान सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार रावत जिला जज के अधीन सभी न्यायालय के न्यायाधीश उपस्थित रहे कार्यक्रम के प्रारंभिक दौर में मिशन स्कूल के छात्रों ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की कार्यक्रम की शुरुआत के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुके प्रदान कर मुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश पटना को सम्मानित किया स्वागत किया जबकि निरीक्षण न्यायाधीश पटना को परिवार न्यायालय के न्यायाधीश ने बुके प्रदान कर स्वागत किया इसी क्रम में बेतिया अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मदन मोहन मिस्र ने अपने वक्तव्य के साथ स्वागत किया जबकि डीआईजी चंपारण प्रक्षेत्र ने भी स्वागत किया इस मौके पर चनपटिया विधायक प्रकाश राय पूर्व मंत्री बृजमोहन शर्मा वरीय अधिवक्ता अच्युतानंद झा लोक अभियोजक अरविंद सिंह समेत सारे अधिवक्ता गण न्यायालय के कर्मचारी अधिकारी पुलिस पदाधिकारी सभी मुस्तैदी से गर्मजोशी के साथ मुख्य न्यायाधीश श्री साईं का सुना एवं स्वागत भी किया मुख्य न्यायाधीश कार्यक्रम के पूर्व न्यायाधीशों के लिए बन रहे भवन का निरीक्षण किया उसके बाद व्यवहार न्यायालय परिसर में चारों तरफ घूम कर के कोर्ट का निरीक्षण किया तत्पश्चात समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई समारोह को संबोधित किया एवं विधि वक्त मंत्रोच्चारण के साथ न्यायालय भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही आरक्षी अधीक्षक अपने पूरे दल बल के साथ मुस्तैद रहें नगर थानाध्यक्ष मुफसिल थाना अध्यक्ष तीनो डीएसपी समेत सभी थानेदार भी मुख्य न्यायाधीश के सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वागत में खड़े रहे
बेतिया 17 मार्च(आ.स.से) पश्चिम चंपारण जिला के व्यवहार न्यायालय के प्रांगण में आज पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी के शाही ने नवनिर्मित पन्द्रह न्यायलीय भवन एवं जिरण आधारित कार्यालय का उद्घाटन किया।
पश्चिम चंपारण जिला के चार दिन के प्रवास में आज दूसरे दिन बेतिया व्यवहार न्यायालय के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में लोगो के विश्वास को कायम रखना एक चुनौती है जिसको हर हाल में अधिवक्ता और न्यायपालिका के लोग कायम रखेंगे। 1961 में अधिवक्ता अधिनियम बना तो उसमें अधिवक्ताओं को यह एकाधिकार दिया गया कि न्यायालय व्यवस्था में केवल अधिवक्ता ही रहेंगे और भी न्यायालय की मदद करेंगे न्यायाधीश से वकीलों के बीच जब किसी मामले की सुनवाई के दौरान जीत होती है तू उस समय न्यायाधीश भी सुनवाई के क्रम में सत्य की खोज करता है अधिवक्ता भी सत्य की खोज करते हैं न्यायाधीश के सामने दर्शाते हैं अधिवक्ताओं को सत्य की खोज उस वक्त तक करना चाहिए जब तक कि किसी मामले का सच्चाई परत दर परत खुल कर सामने नहीं आ जाए आज समाज में नैतिक मूल्यों अभाव से गुजर रहा है इसमें पीड़ा होती है इस पूजा को भी सहने चाहिए समाज में वकीलों का संबंध न्यायाधीशों से अच्छा है य ब्लैक कार क्षमता से सिद्ध करना चाहिए जिसमें शिष्टता और भाव हमेशा चमकती रहे इसी क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने बीजापुर के सुल्तान का वजीर की एक कहानी सुनाते हुए काहे की बीजापुर के सुल्तान का वजीर वहां काका जी था तथा उसका लड़का किसी अपराध के मामले में फस गया जिसकी सुनवाई काजी को करनी पड़ी सुनवाई के पश्चात का जी ने अपने पुत्र के विरुद्ध घटना सत्य पाकर उसे 40 कोड़े मारने की सजा सुनाई तथा अपने जला दो को आदेश दिया कि कोड़े बरसाए जाएं घोड़ा मारने के क्रम में 20 से 22 कूड़े तक वजीर के लड़के पर पड़ी थी कि वह बेहोश हो गया और उसकी मृत्यु हो गई बेटे के जनाजा को लेकर काजी कब्र का आ गया और उसे दफन किया दफन करने के पश्चात दी गई सजा में से बचे अट्ठारह कोलेको उसके कब्र पर बरसाई यह कहानी का कर मुख्य न्यायाधीश ने उपस्थित तमाम न्यायाधीशों अधिवक्ताओं को इशारों ही इशारों में सारी बातें कर दी इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश शाही ने न्यायाधीशों से अनुरोध किया कि वे 10:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक के न्यायाधीश नहीं है वे 24 घंटे न्यायधीश है तथा उन्हें सभी क्षेत्रों में न्यायधीश के दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए न्यायिक प्रक्रिया में सब को एक समान दिखना चाहिए तथा सूर्य से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए सूर्य सुबह में उगता है धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और फिर शाम में अस्त होता है इसके साथ ही उन्होंने शायर इकबाल पर भी उनके शायरी का जिक्र करते हुए कहा कि आजाद कर दो मुझको मुझे कैद करने वालों मैं पंछी बिना पंख का छोड़ कर मुझ से दुआ लो उन्होंने कहा कि इस दुनिया में बहुत कठिन है किसी के ज़िद को तोड़ना तथा उसे मना लेना वकीलों का काम न्यायाधीशों के प्रति ठीक उसी तरह का है अपने मामले को न्यायालय में वकील रखता है तथा न्यायाधीश अपने जिद पर अड़े रहता है वैसी हालत में अपनी भाषा पर संयम बरतते हुए विषय वस्तु पर फोकस करना चाहिए आगे उन्होंने अधिवक्ताओं के बारे में कहा कि अधिवक्ता कभी किसी से कुछ मांगता नहीं है वक्य वाला ग्रह करता है वकील समाज का फेसबुक है इस बात का हमेशा ख्याल करना चाहिए जैसे आप लोग न्यायालय एवं उसकी व्यवस्था को फेसबुक पर डालेंगे वैसे ही लोग देखेंगे उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति जब शारीरिक पीड़ा में होता है तो चिकित्सालय जाता है दूसरी तरह की पीड़ा होती है तो न्यायालय जाता है इसलिए न्यायालय में वकील के बीच के संबंध को समाज के सामने बेहतर तरीके से प्रदर्शित करना चाहिए उपर सारी बातें आज बेतिया न्यायालय परिसर में समारोह पूर्वक आयोजित नवनिर्मित 15 न्यायालय भवन के उद्घाटन के पश्चात दीप प्रज्वलित कर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कही उक्त मौके पर निरक्षी न्यायधीश पटना उच्च न्यायलय चक्रधारी सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्ष बेतिया व्यवहार न्यायलय के स्वर्णिम काल मे से एक माना जायेगा। मुख्य न्यायधीश यहां प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रशंसा जाहिर की मंच का संचालन वरीय अधिवक्ता रमेश चंद्र पाठक नीति जबकि समारोह का समापन जिलाधिकारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ इस कार्यक्रम के मौके पर आरक्षी अधीक्षक जयंत कांत अनुमंडल पदाधिकारी विद्यानंद पासवान सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार रावत जिला जज के अधीन सभी न्यायालय के न्यायाधीश उपस्थित रहे कार्यक्रम के प्रारंभिक दौर में मिशन स्कूल के छात्रों ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की कार्यक्रम की शुरुआत के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुके प्रदान कर मुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश पटना को सम्मानित किया स्वागत किया जबकि निरीक्षण न्यायाधीश पटना को परिवार न्यायालय के न्यायाधीश ने बुके प्रदान कर स्वागत किया इसी क्रम में बेतिया अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मदन मोहन मिस्र ने अपने वक्तव्य के साथ स्वागत किया जबकि डीआईजी चंपारण प्रक्षेत्र ने भी स्वागत किया इस मौके पर चनपटिया विधायक प्रकाश राय पूर्व मंत्री बृजमोहन शर्मा वरीय अधिवक्ता अच्युतानंद झा लोक अभियोजक अरविंद सिंह समेत सारे अधिवक्ता गण न्यायालय के कर्मचारी अधिकारी पुलिस पदाधिकारी सभी मुस्तैदी से गर्मजोशी के साथ मुख्य न्यायाधीश श्री साईं का सुना एवं स्वागत भी किया मुख्य न्यायाधीश कार्यक्रम के पूर्व न्यायाधीशों के लिए बन रहे भवन का निरीक्षण किया उसके बाद व्यवहार न्यायालय परिसर में चारों तरफ घूम कर के कोर्ट का निरीक्षण किया तत्पश्चात समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई समारोह को संबोधित किया एवं विधि वक्त मंत्रोच्चारण के साथ न्यायालय भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही आरक्षी अधीक्षक अपने पूरे दल बल के साथ मुस्तैद रहें नगर थानाध्यक्ष मुफसिल थाना अध्यक्ष तीनो डीएसपी समेत सभी थानेदार भी मुख्य न्यायाधीश के सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वागत में खड़े रहे
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