साम्राज्यवाद - सांप्रदायिकता विरोध के प्रखर नायक थे शहीद ए आजम भगत सिंह - आइसा शहादत दिवस पर याद किए गए शहीद ए आजम भगत, राज गुरु, सुखदेव। बेतिया पश्चिमी चंपारण,23 मार्च 2019
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से ब्यूरो रिपोर्ट:-
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) और इंकलावी नौजवान सभा ने शहीदे एे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहादत दिवस पर महाराजा पुस्तकालय से संकल्प मार्च निकाल तीन लालटेन चौक पर भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण कर सभा किया। सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के पूर्व छात्र नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि शहीदे एे आजम भगत सिंह साम्राज्यवाद और संप्रदायिकता के प्रखर विरोधी थे, देश की आजादी के लिए उन्होंने शहादत दिया, आज देश में राज करने वाली ताकतें संप्रदायिकता के बल पर देश को बर्बाद करने पर तुली है, शिक्षा- रोजगार सरकार के एजेंडा से गायब है, समाज के बौद्धिक ताकतें जब सरकारी आडंबर और पाखंड का विरोध करती है तो उनकी हत्या किया जाता है, उन्हें देशद्रोही घोषित किया जाता है, जैसे गौरी लंकेश, एम.एम.कलबूरगी , गोविंद पंसारे जैसे लोग संप्रदायिकता के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को आगे आकर देश में नए राजनीति की शुरुआत करनी होगी, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वैचारिक राजनीति से ही संभव है देश में राज करने वाली वर्तमान तकते साम्राज्यवाद की चाटुकारिता वाली सरकार है जो आजादी की लडाई में ऐसे लोग गायब थे, नये भारत में सम्राज्य्वाद और संप्रदायिकता की कोई जगह नहीं होगी,उनहेंने शहीदे भगत सिंह के विचारों को आज के समय मे सर्वाधिक प्रसांगिक बताया, आइसा के जिला संयोजक व एम.जे.के.कॉलेज छात्रसंघ महासचिव निखिता कुमारी ने कहा कि भगत सिंह शोषणमुक्त भारत बनाने के लिये एक साथ साम्रज्यवादी-पूंजीवादी लूट व साम्प्रदायिक फासीवाद को पूरी तरह समाप्त कर समाज बनाने का सपना देखने व समाज बनाने के लिये लड़ने वाले एक महान क्रांतिकारी थे । वे अकेले ऐसे क्रांतिकारी नेता है जिन्हें भारत और पाकिस्तान में आज भी एक जैसी इज़्ज़त- प्रतिष्ठा हासिल है, उन्होंने कहा कि आज के दौर में शहीद भगत सिंह और उनके साथियों सुखदेव,राजगुरु आदि क्रांतिकारियों के विचारों पर चल कर ही पूंजीवादी-साम्राज्यवादी अमेरिका के लूट का तथा साम्प्रदायिक व फासीवादी ताकतों का प्रयोगस्थल बना दिए गए भारत देश को इस शोषणकारी व्यवस्था से मुक्त कराया जा सकता है।उन्होंने कहा कि भगत सिंह के विचारों पर चल कर ही भारत और पाकिस्तान व अन्य जगहों से आतंकवाद की समस्या और इस नाम पर धर्म विशेष के लोगों पर फासीवादी-साम्प्रदायिक हमलों से मुक्त देश बनाया जा सकता है। कार्यक्रम को ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के (आइसा) नेता अंशुल कौसिक, सोनी कुमारी, धनंजय राय, किशन श्रीवास्तव, इंकलाब नौजवान सभा के जिला संयोजक सुरेंद्र कुमार चौधरी, मुजम्मिल हुसैन, विनोद कुशवाहा, प्रेमचंद शाह, सुजीत मुखर्जी आदि नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) और इंकलावी नौजवान सभा ने शहीदे एे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहादत दिवस पर महाराजा पुस्तकालय से संकल्प मार्च निकाल तीन लालटेन चौक पर भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण कर सभा किया। सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के पूर्व छात्र नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि शहीदे एे आजम भगत सिंह साम्राज्यवाद और संप्रदायिकता के प्रखर विरोधी थे, देश की आजादी के लिए उन्होंने शहादत दिया, आज देश में राज करने वाली ताकतें संप्रदायिकता के बल पर देश को बर्बाद करने पर तुली है, शिक्षा- रोजगार सरकार के एजेंडा से गायब है, समाज के बौद्धिक ताकतें जब सरकारी आडंबर और पाखंड का विरोध करती है तो उनकी हत्या किया जाता है, उन्हें देशद्रोही घोषित किया जाता है, जैसे गौरी लंकेश, एम.एम.कलबूरगी , गोविंद पंसारे जैसे लोग संप्रदायिकता के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को आगे आकर देश में नए राजनीति की शुरुआत करनी होगी, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वैचारिक राजनीति से ही संभव है देश में राज करने वाली वर्तमान तकते साम्राज्यवाद की चाटुकारिता वाली सरकार है जो आजादी की लडाई में ऐसे लोग गायब थे, नये भारत में सम्राज्य्वाद और संप्रदायिकता की कोई जगह नहीं होगी,उनहेंने शहीदे भगत सिंह के विचारों को आज के समय मे सर्वाधिक प्रसांगिक बताया, आइसा के जिला संयोजक व एम.जे.के.कॉलेज छात्रसंघ महासचिव निखिता कुमारी ने कहा कि भगत सिंह शोषणमुक्त भारत बनाने के लिये एक साथ साम्रज्यवादी-पूंजीवादी लूट व साम्प्रदायिक फासीवाद को पूरी तरह समाप्त कर समाज बनाने का सपना देखने व समाज बनाने के लिये लड़ने वाले एक महान क्रांतिकारी थे । वे अकेले ऐसे क्रांतिकारी नेता है जिन्हें भारत और पाकिस्तान में आज भी एक जैसी इज़्ज़त- प्रतिष्ठा हासिल है, उन्होंने कहा कि आज के दौर में शहीद भगत सिंह और उनके साथियों सुखदेव,राजगुरु आदि क्रांतिकारियों के विचारों पर चल कर ही पूंजीवादी-साम्राज्यवादी अमेरिका के लूट का तथा साम्प्रदायिक व फासीवादी ताकतों का प्रयोगस्थल बना दिए गए भारत देश को इस शोषणकारी व्यवस्था से मुक्त कराया जा सकता है।उन्होंने कहा कि भगत सिंह के विचारों पर चल कर ही भारत और पाकिस्तान व अन्य जगहों से आतंकवाद की समस्या और इस नाम पर धर्म विशेष के लोगों पर फासीवादी-साम्प्रदायिक हमलों से मुक्त देश बनाया जा सकता है। कार्यक्रम को ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के (आइसा) नेता अंशुल कौसिक, सोनी कुमारी, धनंजय राय, किशन श्रीवास्तव, इंकलाब नौजवान सभा के जिला संयोजक सुरेंद्र कुमार चौधरी, मुजम्मिल हुसैन, विनोद कुशवाहा, प्रेमचंद शाह, सुजीत मुखर्जी आदि नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
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