सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की रिपोर्ट:- बेतिया ग्रामीण एनटीडी के अनियमित ता के लगे आरोप में जिला लेखा प्रबंधक विनोद कुमार पर सीएस के स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए श्री कुमार ने बताया है कि दावा करे के मुख्य आरोपियों पर कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग के पत्रांक 145 28 मई 2018 एवं पत्रांक 179 3 जुलाई 2018 के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए लेखा प्रबंधक श्री कुमार ने कहा कि दोनों ही विभागीय पत्र दिलीप बर्मा के आवेदन पर निर्गत किया गया है विभागीय पत्र के पूर्व स्वास्थ्य विभाग से 2 सदस्य टीम निदेशक प्रमुख रोग नियंत्रण स्वास्थ्य सेवाएं बिहार पटना एवं अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं बिहार पटना के द्वारा दावा करें एवं दवा घोटाले से संबंधित विस्तृत जांच की गई और जांच उपरांत संबंधित पर कार्रवाई भी की गई पूर्व में भी कभी भी इस संबंध में कोई आरोप नहीं लगे जबकि तत्कालीन सीएस एवं कार्यालय में कार्यरत लिपिक राजन कुमार द्वारा गलत मानसा से भवदीय के समक्ष गलत तत्व तथ्यों को रखते हुए जिला अधिकारी से कार्रवाई हेतु पत्र पर अपना लागू हस्ताक्षर कर अनुरोध किया गया ताकि कार्यवाही की आड़ में जिला लेखा प्रबंधक से गलत कार्य कराया जा सके दूसरा आरोप पत्रांक 30168 सितंबर 11 के क्रमांक संख्या 120 पर अनुमोदित एनटीडी दवा का करें भवदीय द्वारा क्रय आदेश का प्रारूप तैयार कर अपना लघु हस्ताक्षर अंकित कर तत्कालीन cs6 सदस्य सचिव जिला स्वास्थ्य समिति के हस्ताक्षर प्रांत आपूर्ति आदेश निर्गत किया गया के जवाब में लेखा प्रबंधक ने बताया है कि क्रम संख्या एक पर अनुमोदित दवा के अलावा कार्यालय के लिपि को द्वारा एक एंटिटी दावा ही नहीं बल्कि कई अन्य दवाएं की सूची क्रय हेतु उपलब्ध कराई गई जिसमें एक नहीं 5 चिकित्सकों का हस्ताक्षर अंकित है संभव है कि सारी दवाएं चिकित्सकों के नजर में आवश्यक हो दवा क्रय हेतु पत्र प्रारूप मेरे द्वारा तैयार नहीं किया गया बल्कि भवदीय कार्यालय के लिपिक्योर के द्वारा तैयार किया गया जिस का स्पष्ट प्रमाण संलग्न किया जा रहा है जिला स्वास्थ्य समिति से तैयार किए गए प्रारूप एवं भवदीय कार्यालय से तैयार किया गया पत्र का प्रारूप दोनों में अंतर स्पष्ट है संलग्न पत्रों से पूर्णता स्पष्ट है कि इसे भवदीय कार्यालय से ही तैयार किया गया था निर्गत सभी पुत्रों पर पदाधिकारियों से लघु हस्ताक्षर कराए जाते हैं इसे नहीं करने पर भवदीय के द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया जाता है इससे कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हो सकती है इस प्रकार पत्र पर हस्ताक्षर नहीं चाहते हुए भी करना पड़ता है तत्कालीन समय में मैं अगर हस्ताक्षर नहीं भी करना चाहता था तो मुझे श्री राजन कुमार के द्वारा कहा गया कि भविष्य में कुछ भी होता है तो इसकी जवाबदेही सिविल सर्जन की होती है आपकी क्या होगी निर्देश के आलोक में अगर आपके द्वारा कार्य नहीं किया जाएगा तो आप पर कार्रवाई भी हो सकती है इस प्रकार मुझे डराया जाता था तीसरा आरोप दावा का कॉन्ट्रैक्ट अवधि मार्च 2013 था इस संबंध में कहना है कि राज्य स्वास्थ्य समिति के पत्रांक 2249 मार्च 13 के द्वारा पूर्व में निर्गत 4 पत्र में अंकित दावा का अनुबंधित दर अवधि विस्तार किया गया जो निम्न है उपरोक्त पत्र संख्या 30168 सितंबर 2011 के क्रम संख्या 5 भारत सिरम एंड वैक्सीन लिमिटेड के अंतर्गत क्रम संख्या 123 पर एनटीडी 300 एमजी दवा अंकित पत्र संख्या 2249 मार्च 13 में निम्न शब्दों के साथ दवा के दौर का अवधि विस्तार किया गया औषधियों की उपलब्धता राज्य के सरकारी अस्पतालों में बनाए रखने हेतु जनहित एवं विशेष परिस्थितियों में ड्रग राउंड 8 के निम्नलिखित पत्रों के माध्यम से दवाओं के किए गए दर अनुबंध अवधि विस्तार पूर्व निर्धारित दर एवं शर्तों पर अगले आदेश तक इस शर्त के साथ किया जाता है जिस तिथि को ड्रग राउंड 10 जिस में ड्रॉ ग्राउंड 8 की दवाएं सम्मिलित है कादर अनुबंध पर भारी हो जाता है उस तिथि से विस्तार अवधि स्वता समाप्त हो जाएगी राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के पत्र संख्या 30168 सितंबर 2011 मैं भी वैसे ही दवाओं का जिक्र है जो राउंड आज की दवाएं स्पष्ट है कि रात 7:00 समिति से उक्त दवा के दर की अवधि विस्तार किया गया था और किराए की अवधि में दवा का दौर अनुबंध था आरोप संख्या 4 है कि आपूर्ति दवा की आसान अवधि 1 वर्ष से कम है जबकि क्रय आदेश में लिखा द एक्सपायरी डेट मस्ट बी मोर देन 24 इस के आलोक में कहना है कि प्राप्ति का पत्र एवं दावा प्राप्ति का बिल पत्र चार प्रश्नों में संलग्न पृष्ठ यह आरोप मुझ से संबंधित नहीं है पांचवा आरोप आपूर्ति के उपरांत दवा का भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया इसके जवाब में जिला लेखा प्रबंधक ने बताया है कि भौतिक सत्यापन करना प्रबंधक की जवाबदेही नहीं है अगर दिल भी पत्र पर स्टॉक एंट्री कर उसका प्रमाण पत्र स्टोरकीपर एवं प्रभारी पदाधिकारी जिला दवा भंडार गृह के द्वारा अंकित कर दिया जाता है तो यह दवा प्राप्ति का प्रमाण होता है यह कार्य दायित्व के बीच विकेंद्रीकरण को दर्शाता है यह भी आरोप मुझ से संबंधित नहीं है छठा आरोप भौतिक सत्यापन के बिना जिला स्वास्थ समिति बेतिया के द्वारा भुगतान की कार्यवाही की गई इस संबंध में श्री कुमार ने कहा है कि तत्कालीन समय में दावा क्राय अर्थात राशि लेकर आए दवा प्राप्त करें से दवा कर किया जाता था जिसके अनुसार जिला स्वास्थ समिति द्वारा आपूर्ति को निर्गत किए गए कराया देश के उपरांत एजेंसी द्वारा प्रोफॉर्मा इन्वॉयस उपलब्ध कराया जाता था तत्पश्चात राशि की निकासी चेक से करते हुए ड्राफ्ट बनवाकर दवा एजेंसी को दिन के उपरांत दवा की आपूर्ति की जाती थी इस क्रम में एनटीडी हीमोग्लोबिन की 500 एवं 2012 अलग-अलग तिथियों को खरीदा गया उपरोक्त संबंध में 500 घायल दवा के लिए एजेंसी द्वारा प्रोफॉर्मा इन्वॉयस नो उपलब्ध कराकर विल बी पत्र उपर स्थापित कर दवा आपूर्ति की गई जिस के प्राप्तकर्ता सिविल सर्जन कार्यालय अकेली पिक रामाशीष बैठा है तत्पश्चात बिल्व पत्र पर तत्कालीन जिला दवा भंडार गृह के स्टोर इंचार्ज एवं स्टोर कीपर के दावा प्राप्ति एवं स्टॉक एंट्री का प्रमाण अंकित है बिल्व पत्र प्राप्त होने एवं स्टाफ एंट्री होने के उपरांत ही दवा एजेंसी को भुगतान की कार्रवाई की गई जबकि 2000 घायल दवा के लिए एजेंसी द्वारा प्रोफॉर्मा इन्वॉयस नंबर एस एस एस बी सेवन वन मार्च 14 उपलब्ध कराया गया जिसके आलोक में चेक निर्गत कर बैंक से ड्राफ्ट का निर्माण करा कर कर ली पिक सिविल सर्जन कार्यालय रामाशीष बैठा द्वारा जिला स्वास्थ समिति बेतिया से ड्राफ्ट प्राप्त कर एजेंसी से दवा प्राप्त की गई राशि की के तहत दावा प्राप्ति के पूर्व किया गया साथ ही यह भी कहना है कि जिला स्वास्थ समिति से तत्कालीन समय मेष राशि की निकासी मेरे द्वारा नहीं की गई बल्कि तत्कालीन सीएस एवं जिला पदाधिकारी के अनुमोदन उपरांत ही की गई बिना अनुमोदन के जिला स्वास्थ समिति से मेरे द्वारा राशि महज एक की भी निकासी नहीं की जा सकती है ना तो मुझे इतनी शक्ति है कि उच्च अधिकारी के अनुमोदन उपरांत भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है और मेरे द्वारा भुगतान किया गया है यह आरोप निराधार है सातवां आरोप तत्कालीन सीएस के विस्तृत प्रतिवेदन जुलाई 17 में बताया गया या दवा केवल जटिल प्रश्न मुक्त संस्थान l3 में आपूर्ति की जा सकती है इस संबंध में कहना है कि दवाओं का विशेषज्ञ नहीं हूं जिसकी जानकारी मुझे हो कि किस दवा का क्रय किया जाए कितना किया जाए इसका प्रयोग कहां किया जाता है परंतु राज्य समिति द्वारा निर्गत पत्र के आलोक में इस दवा का उपयोग L1 उप स्वास्थ्य केंद्र एवं अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केंद्र L2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र l3 रेफरल अस्पताल अनुमंडल अस्पताल एवं सदर अस्पताल में उपयोग योग्य है किया मुझ से संबंधित नहीं है आगे श्री कुमार ने बताया की दवा एंटी जी घोटाले की जांच 2 सदस्य राज्य स्तरीय पदाधिकारी द्वारा किए जाने एवं संबंधित पर कार्रवाई किए जाने के उपरांत भी तत्कालीन सीएस के द्वारा बिना मुझे स्पष्टीकरण प्राप्त किए तृतीय पक्ष के आवेदन के आलोक में विभागीय पत्र 145 मई 18 179 जुलाई 18 के द्वारा मेरे ऊपर जिला पदाधिकारी से कार्रवाई की मांग की गई जबकि पूर्व में विभिन्न जांच प्रतिवेदन में मैं कहीं भी दोषी नहीं हूं आदेश की प्रति सिविल सर्जन कार्यालय के द्वारा तैयार किया गया है राशि का भुगतान कैस कैरी मिस मिशन के तहत दवा प्राप्ति के पूर्व की गई नो की दवा प्राप्ति के उपरांत मुझे सेवानिवृत्त सीएस डॉक्टर के किराए के कार्यकाल में भी राजन कुमार द्वारा प्रताड़ित कराया गया इसका साक्ष मेरे पास मौजूद है की भवदीय से निर्गत पत्रांक 112 जनवरी या नहीं जो मुझे स्पष्टीकरण से संबंधित है उसे ध्यान देने के उपरांत ही प्रतीत होता है कि केवल मुझे ही निशाना बनाया गया है इसमें कहीं भी कार्यों के दायित्व का विकेंद्रीकरण नौकर आरोपों के माध्यम से केंद्रीय कृत किया गया है आगे श्री कुमार ने कहा भवदीय 9 मई दवा का सूत्र रहा हूं ना ही इसे उपयोग के अंतिम पायदान तक पहुंचने में मेरे द्वारा बाधा उत्पन्न की गई है मेरी अनिवार्यता एवं बादशाह समझा जा सकता है कि मुझे वरीय पदाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश की अवहेलना नहीं कर सकता और आदेश मानना पड़ता है क्योंकि मैं एक संविदा आधारित कर्मी हूं मेरी सेवा एक फाइनेंस अकाउंट की है कि इंप्लीमेंटेशन कराने वाले पदाधिकारी की है इस प्रकार मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार है

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