आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब बच्चों को सुधा दूध भी मिलेगा
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की री
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से 6 साल तक के बच्चों को सप्ताह में 1 दिन 18 ग्राम सुधा दूध दिया जाएगा ताकि बच्चों को कुपोषण एवं अन्य बीमारियों से मुक्ति मिल सके।
इस कार्यक्रम की शुरुआत इसी महीने से राज्य भर में 8,28,000 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 2,88,889 सुधा पैकेट के माध्यम से दूध दिया जाएगा।
इसकी जानकारी देते हुये,संवाददाता को, अनुसरण पदाधिकारी समेकित बाल विकास योजना ने ,महा प्रबंधक कॉमरेड के नाम पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है, उन्होंने पत्र के माध्यम से आगे बताया कि बाल विकास परियोजना से ऑनलाइन सुधा दूध की मांग वास्तविक लाभार्थियों के आधार पर प्राप्त हुआ है।
प्राप्त समाचार के अनुसार 3 साल से 6 वर्ष के बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए उनके खाने में प्रोटीन की जरूरत अधिक होती है ,इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधा दूध के माध्यम से प्रोटीन की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि बच्चों के अंदर होने वाले कुपोषण एवं अन्य बीमारियों से इसकी सुरक्षा की जा सके ,तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को 18 ग्राम सुधा दूध पाउडर को 150 मिलीलीटर दूध शुद्ध पेयजल में घोलकर बच्चों को दिया जाएगा।
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से 6 साल तक के बच्चों को सप्ताह में 1 दिन 18 ग्राम सुधा दूध दिया जाएगा ताकि बच्चों को कुपोषण एवं अन्य बीमारियों से मुक्ति मिल सके।
इस कार्यक्रम की शुरुआत इसी महीने से राज्य भर में 8,28,000 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 2,88,889 सुधा पैकेट के माध्यम से दूध दिया जाएगा।
इसकी जानकारी देते हुये,संवाददाता को, अनुसरण पदाधिकारी समेकित बाल विकास योजना ने ,महा प्रबंधक कॉमरेड के नाम पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है, उन्होंने पत्र के माध्यम से आगे बताया कि बाल विकास परियोजना से ऑनलाइन सुधा दूध की मांग वास्तविक लाभार्थियों के आधार पर प्राप्त हुआ है।
प्राप्त समाचार के अनुसार 3 साल से 6 वर्ष के बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए उनके खाने में प्रोटीन की जरूरत अधिक होती है ,इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधा दूध के माध्यम से प्रोटीन की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि बच्चों के अंदर होने वाले कुपोषण एवं अन्य बीमारियों से इसकी सुरक्षा की जा सके ,तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को 18 ग्राम सुधा दूध पाउडर को 150 मिलीलीटर दूध शुद्ध पेयजल में घोलकर बच्चों को दिया जाएगा।
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