शहीद जवानों के याद मे एम.जे.के.कालेज से शहीद स्मारक तक आइसा ने निकाला कैंडल मार्च ■ पुलवामा में शहीद हुए जवानों को कैंडल जलाकर आइसा ने दी श्रदांजलि ■ सरकार की जिम्मेदारी हो तय ...भारत के बेटों की कब तक उड़ेंगें चिथड़े
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की रिपोर्ट:-
पुलवामा में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए भारत के बेटों - CRPF जवानों के प्रति गहरी पीड़ा व संवेदना जाहिर करते हुए आज आइसा ने एम. जे.के.कालेज से शहीद स्मारक तक कैंडल जलाकर मार्च कर श्रद्धांजलि दी ।
कैंडल मार्च आइसा जिला संयोजक सह एम.जे.के. कालेज छात्रसंघ महासचिव निखिता कुमारी के नेतृत्व किया, जिसमें सैकड़ों छात्रो ने हिस्सा लिया,शोक सभा कर आइसा नेताओं ने कहा कि कायरतापूर्ण आतंकी हमले में जवानों के शहीद होने से पूरा देश दुखी और सदमे में है । इस कायराना घृणित आतंकी कार्यवाही की जितनी भी भर्त्सना की जाय ..कम है । आइसा शहीद हुए जवानों के शोकाकुल परिवारों के दुख और संताप में बराबर का भागीदार है ।
आइसा नेताओं ने आगे कहा कि भारतवासी आतंकी हमलों को कब तक झेलता रहेगा ...भारत के बेटों की कबतक चिथड़े उड़ते रहेगें ? सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ...आतंकवाद का नाश हो ! क्या सरकार यूं ही नफरत फैलाकर हमारे बेटों की बलि चढ़ाती रहेगी । पहले से ही हमले की जानकारी रहने के बावजूद हमले को रोका ना जा सका ...हमारे जवानों के चिथड़े उड़ जाने दिए गए । इसके लिए जिम्मेदार कौन ? सरकार को इसका जवाब देना होगा !आइसा ने कहा कि आज पुलवामा के आतंकवादी घटना के बहाने भाजपा -आरएसएस के द्वारा एक उन्माद पैदा करने की कोशिश की जा रही है ,पुलवामा घटना में हुई सुरक्षा चूक पर बात ना कर के देश के भीतर तनाव का माहौल बनाया जा रहा है ।जनसत्ता और the quint की रिपोर्टों में ये बात सामने आ रही है कि CRPF ने Home Ministry को एक सप्ताह पहले सुरक्षा दृष्टिकोण के मद्देनजर पत्र लिख कर करके हवाई-जहाज या बुलेट प्रूफ बस से जम्मू से श्रीनगर ले जाने की बात कही थी ।फिर भी किन करणौ से मोदी सरकार ने CRPF के इस बात को नजरअंदाज कर दिया ,ये जवाब सरकार को देश की जनता को देना चाहिए ?
साथ ही आइसा ने कहा कि पुलवामा के बहाने कश्मीरियों पर देश के अलग -अलग हिस्सों में हमला कहीं से भी जाएज़ नही है ,आइसा कश्मीरियों पर हो रहे इस हमले के खिलाफ है और देश की एकता अखंडता को तोड़ने वाली ताकत के खिलाफ मजबूती से खड़ा है ।श्रदांजलि देने वालो में शिल्पी शुक्ला, किशन कुमार, फ्रैंकी जोसेफ, प्रभात कुमार, रामबाबू कुमार, सुधांशु कुमार, पुनिता कुमार आदि।
सुनील कुमार यादव

पुलवामा में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए भारत के बेटों - CRPF जवानों के प्रति गहरी पीड़ा व संवेदना जाहिर करते हुए आज आइसा ने एम. जे.के.कालेज से शहीद स्मारक तक कैंडल जलाकर मार्च कर श्रद्धांजलि दी ।
कैंडल मार्च आइसा जिला संयोजक सह एम.जे.के. कालेज छात्रसंघ महासचिव निखिता कुमारी के नेतृत्व किया, जिसमें सैकड़ों छात्रो ने हिस्सा लिया,शोक सभा कर आइसा नेताओं ने कहा कि कायरतापूर्ण आतंकी हमले में जवानों के शहीद होने से पूरा देश दुखी और सदमे में है । इस कायराना घृणित आतंकी कार्यवाही की जितनी भी भर्त्सना की जाय ..कम है । आइसा शहीद हुए जवानों के शोकाकुल परिवारों के दुख और संताप में बराबर का भागीदार है ।
आइसा नेताओं ने आगे कहा कि भारतवासी आतंकी हमलों को कब तक झेलता रहेगा ...भारत के बेटों की कबतक चिथड़े उड़ते रहेगें ? सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ...आतंकवाद का नाश हो ! क्या सरकार यूं ही नफरत फैलाकर हमारे बेटों की बलि चढ़ाती रहेगी । पहले से ही हमले की जानकारी रहने के बावजूद हमले को रोका ना जा सका ...हमारे जवानों के चिथड़े उड़ जाने दिए गए । इसके लिए जिम्मेदार कौन ? सरकार को इसका जवाब देना होगा !आइसा ने कहा कि आज पुलवामा के आतंकवादी घटना के बहाने भाजपा -आरएसएस के द्वारा एक उन्माद पैदा करने की कोशिश की जा रही है ,पुलवामा घटना में हुई सुरक्षा चूक पर बात ना कर के देश के भीतर तनाव का माहौल बनाया जा रहा है ।जनसत्ता और the quint की रिपोर्टों में ये बात सामने आ रही है कि CRPF ने Home Ministry को एक सप्ताह पहले सुरक्षा दृष्टिकोण के मद्देनजर पत्र लिख कर करके हवाई-जहाज या बुलेट प्रूफ बस से जम्मू से श्रीनगर ले जाने की बात कही थी ।फिर भी किन करणौ से मोदी सरकार ने CRPF के इस बात को नजरअंदाज कर दिया ,ये जवाब सरकार को देश की जनता को देना चाहिए ?
साथ ही आइसा ने कहा कि पुलवामा के बहाने कश्मीरियों पर देश के अलग -अलग हिस्सों में हमला कहीं से भी जाएज़ नही है ,आइसा कश्मीरियों पर हो रहे इस हमले के खिलाफ है और देश की एकता अखंडता को तोड़ने वाली ताकत के खिलाफ मजबूती से खड़ा है ।श्रदांजलि देने वालो में शिल्पी शुक्ला, किशन कुमार, फ्रैंकी जोसेफ, प्रभात कुमार, रामबाबू कुमार, सुधांशु कुमार, पुनिता कुमार आदि।
सुनील कुमार यादव

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