सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की रिपोर्ट:-
बेतिया( ग्रामीण) बापू तेरे देश में लूटेरे कई भेष में रिश्वतखोरी का साक्ष्य देने के बाद भी नहीं होती करवाई मामला नगर परिषद बेतिया कनीय अभियंता सुजय सुमन पर रिश्वतखोरी के लगाए गए आरोप का चौंकिए मत यह हकीकत है इसका खुलासा करते हुए राजगुरु चौक निवासी प्रशांत कुमार उर्फ मुन्ना राज ने जिला अधिकारी को आवेदन देकर अवगत कराया था कि नगर परिषद में पिछले कई दशकों से अंगदी पाव जामा कनीय अभियंता पर रिश्वत मांगने का आरोप के साक्ष्य के साथ शपथ पत्र दिए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई यह आवेदन वरीय पदाधिकारी व विभागीय पदाधिकारी की टेबल की शोभा बढ़ा रही हैं यह तो स्पष्ट करता है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के हवा निकाल रहे हैं भ्रष्ट अधिकारी आगे श्री कुमार ने बताया की विप एसएसए संवेदक है नगर परिषद वार्ड नंबर 4 में प्रीतम दत्त के घर से धीरेंद्र दुबे के घर तक पीसीसी सड़क एवं नाला निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट लिया जून 2017 से कार्य
काम शुरू किया जो 29 सितंबर 2017 को पूर्ण हो गया इस निर्माण कार्य कुल लागत ₹2330360 में समाप्त हुआ इस कार्य में 1 लाख 16518 रुपैया बतौर पांच परसेंट राशि सिक्योरिटी के रूप में काट ली गई जो संतुष्टि करण प्रमाण पत्र के बाद मिलना था जो 20 जुलाई 2018 तक संतुष्टि करण का कार्य सभी पदाधिकारियों के द्वारा कर दिया गया जिस पर कनीय अभियंता सूर्य सुमन का भी हस्ताक्षर है सारी प्रक्रिया होने के बाद भी उक्त राशि पेचेक बार-बार आग्रह करने के बाद भी हस्त गत नहीं किया जा रहा है कनीय अभियंता ने सीख देने की एवज में पहले भी रिश्वत मांगी फिर मोबाइल पर 21 जुलाई 2018 को पुनः रिश्वत की मांग की जिसकी रिकॉर्डिंग की सीडी बना कर विभाग को दी गई इतना ही नहीं कनीय अभियंता सुधीर सुमन बिना रिश्वत का काम तो दूर की बात बात भी करना पसंद नहीं करता है रिश्वतखोरी में उपजेईई का नाम पशमी चंपारण जिले में प्रसिद्ध है जानकारों की माने तो उक्त अभियंता रिश्वतखोरी से आज अकूत संपत्ति का मालिक है इसकी संपत्ति की जांच निगरानी से कराई जाए तो सही तथ्य सामने आ सकते हैं जानकारों का यह भी कहना है कि इस अभियंता को किसी न किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है जिस से इस पर इतना पत्राचार आरोप लगने के बाद भी करवाई नहीं हो पाती है इस संदर्भ में आरोपित अभियंता से पूछे जाने पर बताया कि मामला निराधार है यह मुझे फंसाने का साजिश रचा जा रहा है
बेतिया( ग्रामीण) बापू तेरे देश में लूटेरे कई भेष में रिश्वतखोरी का साक्ष्य देने के बाद भी नहीं होती करवाई मामला नगर परिषद बेतिया कनीय अभियंता सुजय सुमन पर रिश्वतखोरी के लगाए गए आरोप का चौंकिए मत यह हकीकत है इसका खुलासा करते हुए राजगुरु चौक निवासी प्रशांत कुमार उर्फ मुन्ना राज ने जिला अधिकारी को आवेदन देकर अवगत कराया था कि नगर परिषद में पिछले कई दशकों से अंगदी पाव जामा कनीय अभियंता पर रिश्वत मांगने का आरोप के साक्ष्य के साथ शपथ पत्र दिए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई यह आवेदन वरीय पदाधिकारी व विभागीय पदाधिकारी की टेबल की शोभा बढ़ा रही हैं यह तो स्पष्ट करता है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के हवा निकाल रहे हैं भ्रष्ट अधिकारी आगे श्री कुमार ने बताया की विप एसएसए संवेदक है नगर परिषद वार्ड नंबर 4 में प्रीतम दत्त के घर से धीरेंद्र दुबे के घर तक पीसीसी सड़क एवं नाला निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट लिया जून 2017 से कार्य
काम शुरू किया जो 29 सितंबर 2017 को पूर्ण हो गया इस निर्माण कार्य कुल लागत ₹2330360 में समाप्त हुआ इस कार्य में 1 लाख 16518 रुपैया बतौर पांच परसेंट राशि सिक्योरिटी के रूप में काट ली गई जो संतुष्टि करण प्रमाण पत्र के बाद मिलना था जो 20 जुलाई 2018 तक संतुष्टि करण का कार्य सभी पदाधिकारियों के द्वारा कर दिया गया जिस पर कनीय अभियंता सूर्य सुमन का भी हस्ताक्षर है सारी प्रक्रिया होने के बाद भी उक्त राशि पेचेक बार-बार आग्रह करने के बाद भी हस्त गत नहीं किया जा रहा है कनीय अभियंता ने सीख देने की एवज में पहले भी रिश्वत मांगी फिर मोबाइल पर 21 जुलाई 2018 को पुनः रिश्वत की मांग की जिसकी रिकॉर्डिंग की सीडी बना कर विभाग को दी गई इतना ही नहीं कनीय अभियंता सुधीर सुमन बिना रिश्वत का काम तो दूर की बात बात भी करना पसंद नहीं करता है रिश्वतखोरी में उपजेईई का नाम पशमी चंपारण जिले में प्रसिद्ध है जानकारों की माने तो उक्त अभियंता रिश्वतखोरी से आज अकूत संपत्ति का मालिक है इसकी संपत्ति की जांच निगरानी से कराई जाए तो सही तथ्य सामने आ सकते हैं जानकारों का यह भी कहना है कि इस अभियंता को किसी न किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है जिस से इस पर इतना पत्राचार आरोप लगने के बाद भी करवाई नहीं हो पाती है इस संदर्भ में आरोपित अभियंता से पूछे जाने पर बताया कि मामला निराधार है यह मुझे फंसाने का साजिश रचा जा रहा है
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