किसान महासभा ने जिला अधिकारी के समक्ष दिया धरना
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की रिपोर्ट:-
केन्द्र व राज्य सरकार की विनाशकारी नीतियो से किसान और कृषि हुआ बर्बाद - विशेषर यादव, राज्य अध्यक्ष किसान महासभा
∆चिनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों के लूट पर रुक लगाओ!
∆गन्ना मंत्री के संरक्षण में फर्जी गन्ना कोड खोल चालान बिक्री व घटतौली पर रोक लगाओ!
∆पटना हाईकोर्ट के आदेश, जिसमें गन्ना का बकाया मूल्य ब्याज सहीत भुगतान करना था जो नहीं हुआ का ब्याज सहित ब्याज घोटाला की जांच कराओ!
∆लुटेरी चीनी मिलों पर करवाई करो, गन्ना मूल्य ₹400 करो!
बेतिया पश्चिमी चंपारण 21जनवरी,
अंग्रेजी राज में निलहे नील की खेती करने वाले किसानों की जिस तरह लूटते थे उसी तरह मिलहे गन्ना किसानों को तरह तरह से लूट रहे हैं, जिसमें गन्ना किसान आत्महत्या के तरफ बढ़ रहे हैं, चिनी मिलों की लूट पर रोक नहीं लगा तो उग्र आंदोलन होगा जिसमें नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की सरकार धराशाई हो जाएगी उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर यादव ने यादव ने कही, आगे उन्होंने कहा कि पिछले सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान नही होने, चालान के अभाव में खुटी गन्ना खेत मे लगे रहने, सिर्फ वैरायटी का गन्ना चला निर्गत करने, चीनी मील तौल केंद्रो पर घटतौली के शिकार किसानों की परेशानी नरेंद्र मोदी सरकार तक पहुंचा दिया गया है किंतु चीनी मिलों के प्रति लगाव ने किसानों को दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है, इस साल गन्ना का मूल्य नहीं बढ़ा नरेंद्र मोदी के 5 वर्षों के कार्यकाल में मात्र एक बार गन्ना मूल्य बढ़ाया गया जबकि खाद बीज कीटनाशक कृषि यंत्रों का दाम 5 वर्षों में 3 से 5 गुना बढ़ गया है घाटे की खेती में किसानों का गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ना किसान आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं पिछले दिनों खूंटी गन्ना मिल में नहीं जाने की वजह से रवि की खेती प्रभावित होते देख देवराज के एक किसान ने अपने गन्ना में आग लगाकर उसी में अपना आत्मदाह करने की कोशिश की, वहीं नरकटियागंज के एक किसान ने भी अपने 2 एकड़ गन्ना में आग लगा दिया यह भयावह स्थिति चम्पारण के नील विद्रोह जैसे बनते जा रही है किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गन्ना मूल्य के बकाया का भुगतान ब्याज के साथ किया जाना था किंतु चीनी मिलों ने भाजपा जदयू सरकार की मिलीभगत से ब्याज का घोटाला कर लिया है, किसान महासभा के जिला नेता इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करना एवं सामान्य और लेट वैराइटी का चालान निर्गत नहीं करना केन एकट का खुलेआम उल्लंघन है, किंतु जिला प्रशासन गाना मंत्री मौन बना हुआ है, गौनहा के किसान नेता लालजी यादव ने कहा कि गाना मंत्री के संरक्षण में फर्जी गाना कोड खोलकर गाना चालान बिक्री कराया जा रहा है, वहीं चीनी मिलें प्रति टेलर 10 क्विंटल की घटतौली कर किसानों को लूट रही है,सभा को किसान नेता हरेराम यादव, सुजात अंसारी,संजय यादव,धरमनाथ कुशवाह,फुलदेव कुशवाहा,कैलास यादव,जयशंकर गुप्ता,बदरूल दिया,एजाजुलहक, अखिलेशवर राव, मोख्तार मियां अंत मे किसान महासभा की ओर से राज्यपाल,मूखयमंत्री के नाम जिला अधिकारी के द्वारा मांग पतर दिया जो इस प्रकार है, -:
1.केन एक्ट के अनुसार गन्ना किसानों का 14दिन के अन्दर भुगतान कराने की गारंटी की जाय।
2.उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गन्ना का पिछले साल के बकाया का ब्याज समेत भुगतान नहीं हुआ, इसमें हुए ब्याज घोटाले की जांच हो। दोषियों पर कार्रवाई हो।
3.फर्जी किसान कोड की जांच हो। और उसे रद्द किया जाए।
4.सप्ताह में दो दिन पुअर डे के अनुसार चलान वितरण किया जाय ।
5.चीनी मिल के धर्मकांटा पर 50 kw की सीमा घोषित कर अधिक गन्ना उतार कर बिना तौल के हीं गन्ना बहुत कम पैसा में लूट लेने की ब्यवस्था पर रोक लगे । चीनी मिलों के सभी धर्म कांटा की जांच हो , घटतौली पर रोक लगाई जाए।
6.घटतौली पर रोक के लिए चीनी मिलों के सभी धर्म कांटा के पास किसानों के सेस के पैसे से किसानों की देखरेख में धर्म कांटा स्थापित किया जाय ।
7.पिछले वितिय वर्ष मे गन्ना किसानों के लिए जारी सबसीडी घोटाले की जांच करायी जाय,
8.चिनी मिलों के क्रय केन्द्र व करने संचालिको द्वारा किसानों का गन्ना 110रू से लेकर 170रू किवनटल खरीद कर गन्ना किसानों को लूटा जा रहा है, ऐसे मे गन्ना लूट पर रोक लगाया जाय,।
9.गन्ना की खेती के अनुसार चम्पारण में और तीन चीनी मिलों की स्थापना जरुरी है । हर साल अप्रैल-मई तक गन्ना की पेराई होने से फरवरी में ही तैयार गन्ने की फसल का नुक़सान होता है।यह किसानों के साथ साथ देश का नुक़सान है । सरकार धनहा, चनपटिया,योगापट्टी जैसी जगहों पर चीनी मिल स्थापना करने की पहल करें । चम्पारण के किसान बिहार सरकार की और भाजपा नेता सुशील मोदी की उस घोषणा का विरोध करते हैं जिसमें कहा गया है कि बंद चीनी मिलों की जमीन दूसरे कामों के लिए आबंटित की जाएगी ।यह जमीन की लूट योजना है। चनपटिया में चीनी मिल पुनर्स्थापित हो ।
सुनील कुमार यादव
केन्द्र व राज्य सरकार की विनाशकारी नीतियो से किसान और कृषि हुआ बर्बाद - विशेषर यादव, राज्य अध्यक्ष किसान महासभा
∆चिनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों के लूट पर रुक लगाओ!
∆गन्ना मंत्री के संरक्षण में फर्जी गन्ना कोड खोल चालान बिक्री व घटतौली पर रोक लगाओ!
∆पटना हाईकोर्ट के आदेश, जिसमें गन्ना का बकाया मूल्य ब्याज सहीत भुगतान करना था जो नहीं हुआ का ब्याज सहित ब्याज घोटाला की जांच कराओ!
∆लुटेरी चीनी मिलों पर करवाई करो, गन्ना मूल्य ₹400 करो!
बेतिया पश्चिमी चंपारण 21जनवरी,
अंग्रेजी राज में निलहे नील की खेती करने वाले किसानों की जिस तरह लूटते थे उसी तरह मिलहे गन्ना किसानों को तरह तरह से लूट रहे हैं, जिसमें गन्ना किसान आत्महत्या के तरफ बढ़ रहे हैं, चिनी मिलों की लूट पर रोक नहीं लगा तो उग्र आंदोलन होगा जिसमें नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की सरकार धराशाई हो जाएगी उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर यादव ने यादव ने कही, आगे उन्होंने कहा कि पिछले सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान नही होने, चालान के अभाव में खुटी गन्ना खेत मे लगे रहने, सिर्फ वैरायटी का गन्ना चला निर्गत करने, चीनी मील तौल केंद्रो पर घटतौली के शिकार किसानों की परेशानी नरेंद्र मोदी सरकार तक पहुंचा दिया गया है किंतु चीनी मिलों के प्रति लगाव ने किसानों को दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है, इस साल गन्ना का मूल्य नहीं बढ़ा नरेंद्र मोदी के 5 वर्षों के कार्यकाल में मात्र एक बार गन्ना मूल्य बढ़ाया गया जबकि खाद बीज कीटनाशक कृषि यंत्रों का दाम 5 वर्षों में 3 से 5 गुना बढ़ गया है घाटे की खेती में किसानों का गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ना किसान आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं पिछले दिनों खूंटी गन्ना मिल में नहीं जाने की वजह से रवि की खेती प्रभावित होते देख देवराज के एक किसान ने अपने गन्ना में आग लगाकर उसी में अपना आत्मदाह करने की कोशिश की, वहीं नरकटियागंज के एक किसान ने भी अपने 2 एकड़ गन्ना में आग लगा दिया यह भयावह स्थिति चम्पारण के नील विद्रोह जैसे बनते जा रही है किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गन्ना मूल्य के बकाया का भुगतान ब्याज के साथ किया जाना था किंतु चीनी मिलों ने भाजपा जदयू सरकार की मिलीभगत से ब्याज का घोटाला कर लिया है, किसान महासभा के जिला नेता इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करना एवं सामान्य और लेट वैराइटी का चालान निर्गत नहीं करना केन एकट का खुलेआम उल्लंघन है, किंतु जिला प्रशासन गाना मंत्री मौन बना हुआ है, गौनहा के किसान नेता लालजी यादव ने कहा कि गाना मंत्री के संरक्षण में फर्जी गाना कोड खोलकर गाना चालान बिक्री कराया जा रहा है, वहीं चीनी मिलें प्रति टेलर 10 क्विंटल की घटतौली कर किसानों को लूट रही है,सभा को किसान नेता हरेराम यादव, सुजात अंसारी,संजय यादव,धरमनाथ कुशवाह,फुलदेव कुशवाहा,कैलास यादव,जयशंकर गुप्ता,बदरूल दिया,एजाजुलहक, अखिलेशवर राव, मोख्तार मियां अंत मे किसान महासभा की ओर से राज्यपाल,मूखयमंत्री के नाम जिला अधिकारी के द्वारा मांग पतर दिया जो इस प्रकार है, -:
1.केन एक्ट के अनुसार गन्ना किसानों का 14दिन के अन्दर भुगतान कराने की गारंटी की जाय।
2.उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गन्ना का पिछले साल के बकाया का ब्याज समेत भुगतान नहीं हुआ, इसमें हुए ब्याज घोटाले की जांच हो। दोषियों पर कार्रवाई हो।
3.फर्जी किसान कोड की जांच हो। और उसे रद्द किया जाए।
4.सप्ताह में दो दिन पुअर डे के अनुसार चलान वितरण किया जाय ।
5.चीनी मिल के धर्मकांटा पर 50 kw की सीमा घोषित कर अधिक गन्ना उतार कर बिना तौल के हीं गन्ना बहुत कम पैसा में लूट लेने की ब्यवस्था पर रोक लगे । चीनी मिलों के सभी धर्म कांटा की जांच हो , घटतौली पर रोक लगाई जाए।
6.घटतौली पर रोक के लिए चीनी मिलों के सभी धर्म कांटा के पास किसानों के सेस के पैसे से किसानों की देखरेख में धर्म कांटा स्थापित किया जाय ।
7.पिछले वितिय वर्ष मे गन्ना किसानों के लिए जारी सबसीडी घोटाले की जांच करायी जाय,
8.चिनी मिलों के क्रय केन्द्र व करने संचालिको द्वारा किसानों का गन्ना 110रू से लेकर 170रू किवनटल खरीद कर गन्ना किसानों को लूटा जा रहा है, ऐसे मे गन्ना लूट पर रोक लगाया जाय,।
9.गन्ना की खेती के अनुसार चम्पारण में और तीन चीनी मिलों की स्थापना जरुरी है । हर साल अप्रैल-मई तक गन्ना की पेराई होने से फरवरी में ही तैयार गन्ने की फसल का नुक़सान होता है।यह किसानों के साथ साथ देश का नुक़सान है । सरकार धनहा, चनपटिया,योगापट्टी जैसी जगहों पर चीनी मिल स्थापना करने की पहल करें । चम्पारण के किसान बिहार सरकार की और भाजपा नेता सुशील मोदी की उस घोषणा का विरोध करते हैं जिसमें कहा गया है कि बंद चीनी मिलों की जमीन दूसरे कामों के लिए आबंटित की जाएगी ।यह जमीन की लूट योजना है। चनपटिया में चीनी मिल पुनर्स्थापित हो ।
सुनील कुमार यादव
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