बिहार बंद के समर्थन मे सडक पर उतरा अखिल भारतीय किसान महासभा

सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया संवाद सूत्र:- बिहार बंद के समर्थन मे सडक पर उतरा अखिल भारतीय किसान महासभा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 8-9 जनवरी को आहूत आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में वामदलों का संयुक्त बिहार बंद बिहार बंद मे उतरा अखिल भारतीय किसान महासभा, किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव के नेतृत्व में बेतिया स्टेशन चौक से अपने बैनर झंडा के साथ सैकड़ों सैकड़ों किसान कार्यकर्ताओं को लेकर बिहार बंद में सक्रिय रूप से से सड़कों पर पर उतरे, स्टेशन चौक से निकला जुलूस मे मोदी हटाओ देश बचाओ!, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस लो!,समान काम के लिए समान वेतन दो!, पुरानी पेंशन नीति लागू करो!,महंगाई पर रोक लगाओ!, रेलवे, बीमा व डिफेंस में एफडीआई पर रोक लगाओ!, केसीसी सहित किसानों-बटाईदारों के सभी कर्ज माफ करो!, धान खरीद की गारंटी करो-भावंतर योजना बिहार में लागू करो!सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी करो और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो!,मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी और 200 दिन काम दो तथा 60 साल व उससे ऊपर के सभी महिला-पुरुषों को पेंशन दो, अपराध के बढ़ते ग्राफ पर रोक लगाओ!,शेल्टर होम रेप मामले में राजनीतिक संरक्षण की जाँच कराओ, बेरोजगारों को काम दो अथवा बेरोजगारी भत्ता की गारंटी करो!, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दलितों-गरीबों को उजाड़ना बन्द करो!, अनाधिकृत काॅलनियों को नियमित करो!,दलितों-महिलाओं के खिलापफ बढ़ते अपराध् पर रोक लगाओ!,मॉब लिनचिंग पर रोक लगाओ!,उन्माद - उत्पात की राजनीति मुर्दाबाद!,सांप्रदायिक घटनाओं पर रोक लगाओ!आदि नारा लगाते बंद कराते हुए जूलूस राजदेवडी पहुंच कर फिर वहा से जूलूस जिला समाहर्ता गेट तक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया, सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील राव ने कहा कि ने कहा कि मोदी शासन में पूरे देश की तरह चंपारण के किसान भी चौतरफा लूट के शिकार हैं जहां मोदी और नीतीश सरकार के संरक्षण में चल रही गन्ना किसानों की लूट असहनीय हो गई है, महंगाई और तरह-तरह की खेती में बढ़ी लागत के बावजूद गन्ना का मूल्य इस साल नहीं बढ़ाया गया गया नहीं बढ़ाया गया गया चीनी मिलें और सरकार इसे कम करने की तरकीब के साथ डेढ़ माह से अधिक समय से मिल चलने के बावजूद किसानों को पाई पाई पैसे के लिए मजबूर करने के लिए ना तो तो गन्ने का मूल्य निर्धारण कर रही थी और ना कोई भुगतान कर रही थी, किसानों की समस्याओं को देखते हुए भाकपा माले और किसान महासभा को आंदोलन में उतरना पड़ा तब जाकर सरकार ने पिछले मूल्य को ही ही निर्धारित कर भुगतान करने की बात कही, आगे उन्होंने कहा कि आज अपने चंपारण में 70% से अधिक खेती बटाई और हुंडा मनी पर हो रही है बटाइदार किसानों की हालत तो और बदतर है, किसान आयोग ने उनके लिए एक रास्ता निकाला था कि फसल के लागत मूल्य तय करते समय खेत का भाड़ा और उसका ब्याज भी जोड़ा जाए, सरकार उस दर पर फसल खरीद की गारंटी करें, लेकिन दिल्ली में बैठी मोदी सरकार ने किसान आयोग की सिफारिश को न मानकर बटाइदार किसानों को आत्महत्या के मुंह में धकेल दिया है, घाटा वाली खेती मोदी राज में खेत वाले किसानों से बटाइदार किसानों के हाथ आई खेती अब कारपोरेट कारपोरेट खेती अब कारपोरेट जगत के हाथों में चली जाए ऐसा कदम मोदी ने बनाया है, इस तरीके से पूरी खेती को छीना जा रहा है किसान सभा के जिला सचिव हरिराम यादव ने कहा कि खेती- बारी पर आधारित जीवन में पशुपालन गरीब किसानों के लिए एक बड़ा आधार था आर एस एस और भाजपा ने अपने जहरीले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वाले प्रचार के जरिए और उसकी सरकारों ने उसे व्यापार पर रोक लगाकर लगाकर रोक लगाकर लगाकर पर रोक लगाकर लगाकर रोक लगाकर लगाकर गरीब किसानों के जीवन और पशुपालन पर बड़ा हमला बोल दिया है और खेती की तरह पशुपालन भी घाटे का रोजगार बन गया है पशुपालन भी बड़े पूजी वालों के लिए आरक्षित किया जा रहा है गरीबों के बस की पशुपालन वाला रोजगार नहीं रह गया है गया है आगे उन्होंने कहा कि घाटा वाली खेती में राहत के लिए केसीसी लोन समेत सभी तरह के किसानों के कर्ज माफी के बदले मोदी सरकार ने हर साल लाखों करोड़ के कारपोरेट कारपोरेट जगत को देना जरूरी समझा है जदयू भाजपा की बिहार सरकार ने भी महंगाई और खेती में बढ़ती लागत के अनुसार अभी गन्ना मूल्य मूल्य बढ़ाने के बदले प्रति कुंतल ₹10 चीनी मिलों को ही सरकारी खजाने से देने का फैसला किया है किसानों के कर्ज माफी के लिए बड़े आंदोलन करने का आह्वान किया आगे उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सस्ती बिजली देने का देने वाली बिहार सरकार नहर की सिंचाई व्यवस्था ठीक करने, बंद पड़े सरकारी नलकूपों को चालू करने में सरकारी नलकूप लगवाने के बदले निजी नलकूपों पर जोर देकर सभी किसानों को बिजली कंपनियों के शिकंजे में कश्ती जा रही है जीवन के हर क्षेत्र में कंपनी लूट राज कायम किया जा रहा है क्षेत्र में गंगवार की जमीन किसानों से छीनी जा रही है इसी तरह की रही है इसी तरह की तरह की कैसे खेती करते आ आ रहे करते आ आ रहे गरीबों आदिवासियों की भूमि चीनी जा जा रही है अंग्रेजी राज का कानून कोर्ट ऑफ अवॉर्ड्स के नाम बेतिया राज की जमीन से जमीन से किसानों को बेदखली करने गरीबों को घर बुलडोजर चलाने की करवाई सरकार कर रही है इनके अलावा किसान नेता फुल देव कुशवाहा धर्मनाथ कुशवाहा मनबोध शाह विनोद कुशवाहा योगेंद्र यादव विकी शाह जवाहर प्रसाद आज नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया सुनील कुमार राव जिला संयोजक किसान महासभा बेतिया

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