*रक्सौल के जामा मस्जिद में लहरा तिरंगा, लगे वन्दे मातरम व भारत माता के जय के नारे*
सरस् संगम(कार्यलय)मोतिहारी/रक्सौल संवाद सूत्र:-
*रक्सौल* :हिन्दू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई हम वतन हम नाम है, हम जियेंगे और मरेंगे ए वतन तेरे लिए, दिल दिया हैं जां भी देंगे ए वतन तेरे लिए आदि गीतों को साथ रक्सौल के मुख्य पथ स्थित जामा मस्जिद में हाजी अकील अहमद (सदर) ने जैसे ही 70वें गणतंत्रता दिवस पर तिरंगे को लहरा राष्ट्र ध्वज को सलामी दी, वैसे ही उपस्थित देशभक्तों ने वन्दे मातरम व भारत माता की जय के नारों से माहौल देशभक्तिमय कर दिया।
वहीं उपस्थित मुस्लिम भाइयों ने कहा कि हम सच्चे मुसलमान हैं और सच्चे मुसलमान जो भारतीय है, उनके लिए अपने देश से प्यारा कोई वतन नही है। वो भारत के लिए जीते हैं और भारत के लिए मरते हैं। वहीं मस्जिद में झंडोत्तोलन के दौरान हिन्दू-मुस्लिम एकता का परिचय देखने को मिला और यह फिर एक बार प्रमाणित हुआ कि भारत एकता में अनेकता का देश है।
मौके पर डॉ. मसुल्लाह (सचिव), नेयाज अहमद (सोनू) खजांची अल्लाउद्दीन आलम, समसुद्दीन आलम, नेशार अहमद, मुस्ताक आलम, शमीम अहमद, ओम प्रकाश पाण्डेय, सुधीर कुमार, अखिलेश दावल कारी, अरशद वकील व मासूम साहब सहित कई बच्चे व बुजुर्ग आदि उपस्थित थे।
*रक्सौल* :हिन्दू-मुस्लिम-सिक्ख-ईसाई हम वतन हम नाम है, हम जियेंगे और मरेंगे ए वतन तेरे लिए, दिल दिया हैं जां भी देंगे ए वतन तेरे लिए आदि गीतों को साथ रक्सौल के मुख्य पथ स्थित जामा मस्जिद में हाजी अकील अहमद (सदर) ने जैसे ही 70वें गणतंत्रता दिवस पर तिरंगे को लहरा राष्ट्र ध्वज को सलामी दी, वैसे ही उपस्थित देशभक्तों ने वन्दे मातरम व भारत माता की जय के नारों से माहौल देशभक्तिमय कर दिया।
वहीं उपस्थित मुस्लिम भाइयों ने कहा कि हम सच्चे मुसलमान हैं और सच्चे मुसलमान जो भारतीय है, उनके लिए अपने देश से प्यारा कोई वतन नही है। वो भारत के लिए जीते हैं और भारत के लिए मरते हैं। वहीं मस्जिद में झंडोत्तोलन के दौरान हिन्दू-मुस्लिम एकता का परिचय देखने को मिला और यह फिर एक बार प्रमाणित हुआ कि भारत एकता में अनेकता का देश है।
मौके पर डॉ. मसुल्लाह (सचिव), नेयाज अहमद (सोनू) खजांची अल्लाउद्दीन आलम, समसुद्दीन आलम, नेशार अहमद, मुस्ताक आलम, शमीम अहमद, ओम प्रकाश पाण्डेय, सुधीर कुमार, अखिलेश दावल कारी, अरशद वकील व मासूम साहब सहित कई बच्चे व बुजुर्ग आदि उपस्थित थे।
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