विधानसभा सीटों का समीकरण
*📝वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट:*
*📝क्या NDA का चक्रव्यूह भेद पाएगा महागठबंधन?*
वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में आता है. ये इलाका नेपाल की सीमा से सटा हुआ है और बिहार के सुदूर उत्तर में पड़ता है. 2002 के परिसीमन के बाद साल 2008 में पहली बार ये लोकसभा सीट अस्तित्व में आया. इससे पहले ये सीट बगहा के नाम से जानी जाती थी. 2014 में इस सीट से बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे जीतकर लोकसभा पहुंचे.
वाल्मीकि नगर बिहार की राजधानी पटना से 295 किलोमीटर दूर नेपाल की सीमा पर स्थित है. गंडक नदी के किनारे बसे वाल्मीकि नगर का पौराणिक महत्व भी है. कहा जाता है कि यहां बने आश्रम में महर्षि वाल्मीकि रहते थे. हर साल मकर संक्रांति के मौके पर यहां बड़ा मेला भी लगता है. भोजपुरी भाषी ये इलाका राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय माना जाता है. इसी चंपारण की धरती से महात्मा गांधी ने 1917 में चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी. यह इलाका प्रसिद्ध कवि गोपाल सिंह नेपाली की भी जन्मस्थली है.
*राजनीतिक पृष्ठभूमि*
आजादी के बाद से ही चंपारण के इलाके में कांग्रेस हर चुनाव में अपना दमखम दिखाती आ रही थी. लेकिन इमरजेंसी के बाद हालात बदले और बीजेपी ने यहां के सियासी हालात पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. परिसीमन के बाद जब 2009 में पहली बार चुनाव हुए तो यहां से जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो जीते. उन्होंने 2,77,696 वोट हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवार फखरुद्दीन को हराया. फखरुद्दीन को 94,021 वोट हासिल हुए थे. वहीं 2014 में इस सीट से बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे जीतकर लोकसभा पहुंचे. पिछले दो चुनाव बीजेपी और जेडीयू के उम्मीदवारों ने जीते. 2019 में जेडीयू एनडीए का हिस्सा है. जाहिर है महागठबंधन के लिए चुनौती बड़ी है.
सरस् संगम(कार्यलय)मोतिहारी संवाद सूत्र:-
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इस लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 12,75,653 है. इनमें से पुरुष वोटरों की संख्या 6,90,155 जबकि महिला वोटरों की संख्या 5,85,498 है. नेपाल की सीमा से सटे होने के कारण और नक्सल प्रभाव के कारण ये इलाका सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जात
वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- वाल्मीकि नगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया और सिकटा.
2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर गौर करें तो इस संसदीय क्षेत्र की 6 विधानसभा सीटों में से 3 बीजेपी ने जीते थे जबकि 1 जेडीयू ने. बाकी दो सीटों में से 1 पर कांग्रेस उम्मीदवार और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई थी.
*2014 चुनाव का जनादेश*
वाल्मीकि नगर सीट से 2014 के चुनाव में बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे ने 3,64,013 वोट हासिल कर कांग्रेस के पूर्णमासी राम को 1 लाख 18 हजार वोटों से हराया. तब तीसरे नंबर पर रहे थे जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो जिन्हें 81,612 वोट मिले.
*सांसद का रिपोर्ट कार्ड*
बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे 2014 में चुनाव जीतकर यहां से 16वीं लोकसभा में पहुंचे. 2 मई 1975 को जन्मे सतीश चंद्र दुबे विधायक भी रह चुके हैं. 2005 में वे नरकटियागंज विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे. वे लोकसभा में श्रम मामलों पर स्थायी समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.
2014 के चुनावी हलफनामे के अनुसार वे 10वीं तक पढ़े हुए हैं. उनकी कुल संपत्ति 60 लाख रुपये की है. कृषि और मत्स्य पालन को उन्होंने अपना व्यवसाय बताया था. 16वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने अपने सांसद निधि का 89 फीसदी हिस्सा खर्च किया. संसदीय कार्यवाही में इनकी अच्छी हिस्सेदारी रही. उन्होंने 30 बहसों में हिस्सा लिया और 5 साल में 196 सवाल पूछे.
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इस लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 12,75,653 है. इनमें से पुरुष वोटरों की संख्या 6,90,155 जबकि महिला वोटरों की संख्या 5,85,498 है. नेपाल की सीमा से सटे होने के कारण और नक्सल प्रभाव के कारण ये इलाका सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जात
वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- वाल्मीकि नगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया और सिकटा.
2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर गौर करें तो इस संसदीय क्षेत्र की 6 विधानसभा सीटों में से 3 बीजेपी ने जीते थे जबकि 1 जेडीयू ने. बाकी दो सीटों में से 1 पर कांग्रेस उम्मीदवार और 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई थी.
*2014 चुनाव का जनादेश*
वाल्मीकि नगर सीट से 2014 के चुनाव में बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे ने 3,64,013 वोट हासिल कर कांग्रेस के पूर्णमासी राम को 1 लाख 18 हजार वोटों से हराया. तब तीसरे नंबर पर रहे थे जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो जिन्हें 81,612 वोट मिले.
*सांसद का रिपोर्ट कार्ड*
बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे 2014 में चुनाव जीतकर यहां से 16वीं लोकसभा में पहुंचे. 2 मई 1975 को जन्मे सतीश चंद्र दुबे विधायक भी रह चुके हैं. 2005 में वे नरकटियागंज विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे. वे लोकसभा में श्रम मामलों पर स्थायी समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.
2014 के चुनावी हलफनामे के अनुसार वे 10वीं तक पढ़े हुए हैं. उनकी कुल संपत्ति 60 लाख रुपये की है. कृषि और मत्स्य पालन को उन्होंने अपना व्यवसाय बताया था. 16वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने अपने सांसद निधि का 89 फीसदी हिस्सा खर्च किया. संसदीय कार्यवाही में इनकी अच्छी हिस्सेदारी रही. उन्होंने 30 बहसों में हिस्सा लिया और 5 साल में 196 सवाल पूछे.
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