भाजपा भगाओ- संविधान बचाओ! लोकतंत्र बचाओ आजादी बचाओ! 5 फरवरी को महाराजा स्टेडियम बेतिया में होगी जन अधिकार रैली, संबोधित करेंगे दीपंकर भट्टाचार्य,
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारतद्वाज की रिपोर्ट:-
भूमि लूट- गन्ना लूट राज के खिलाफ खिलाफ खिलाफ बगही रतनपुरा पंचायत में संपन्न हुआ भाकपा माले का पंचायत सम्मेलन
बैरिया 27 जनवरी 2019 भाकपा माले के प्रथम पंचायत सम्मेलन बगही नाथ बाबा चौक पर समपन्न हुआ,सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य सह किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने कहा कि खेत मजदूरों गरीबों के लिए मोदी और नीतीश सरकार महाविपत्ति के रूप में है, सीलिंग से फाजिल, बेनामी,गैर मजरूआ, बेतिया राज की जमीन इत्यादि तमाम जमीनों से गरीब दलितों आदिवासियों को जमीन से वेदमती किया जा रही है, लोगों के घर को बुलडोजर से ढाए जा रहे हैं, 2,35000 धारियों में अधिकांश की जमीन की लूट हो रही है, वैसे तमाम बड़े भू स्वामियों की जमीन जो स्वामियों की जमीन जो अभी तक सेलिंग के दायरे में नहीं आ सकी है, वैसे हजारों एकड़ जमीन की लूट मची है, बड़े भूस्वामी और भू माफियाओं का भूमि लूट राज कायम का भूमि लूट राज कायम हो गया, उसी तरह से गन्ना किसानों का गाना लूट भी जारी है, गन्ना रेट कम कर सिर्फ वैरायटी का गन्ना चला निर्गत करने, चीनी मील तौल केंद्रो पर घटतौली के शिकार किसानों की परेशानी को चंपारण बंद कर नरेंद्र मोदी सरकार तक पहुंचा दिया गया, किंतु चीनी मिलों के प्रति लगाव ने किसानों को दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है, इस साल गन्ना का मूल्य नहीं बढ़ा नरेंद्र मोदी के 5 वर्षों के कार्यकाल में मात्र एक बार गन्ना मूल्य बढ़ाया गया जबकि खाद बीज कीटनाशक कृषि यंत्रों का दाम 5 वर्षों में 3 से 5 गुना बढ़ गया है घाटे की खेती में किसानों का गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ना किसान आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं, सम्मेलन को भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सुनील कुमार यादव ने कहा कि आज मोदी राज में संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और उसके मूलभूत प्रावधानों को उलट देने काम किया जा रहा है. अंबेदकर ने सामाजिक पिछड़ान, छुआछुत आदि कुप्रथाओं को खत्म कर सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था, लेकिन आज मोेदी सरकार उसपर लगातार हमला कर ही है. हमने देखा कि मोदी सरकार ने आनन-फानन में आर्थिक आधार पर आरक्षण बिल को पेश किया और उसे पारित करवाया. यह संविधान के मूलभूत प्रावधानों के खिलाफ है. दरअसल, मोदी सरकार आरक्षण को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है और उसी एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रही है. अभी विश्वविद्यालयों में 200 प्वांयट रोस्टर को बदलकर 13 प्वायंट रोस्टर लागू किया जा रहा है. यदि यह लागू हो जाता है तो विश्वविद्यालयों में शिक्षक बहाली में आरक्षण लगभग खत्म हो जाएगा. देश के सामने आज ये बड़ी चुनौतियां है. नागरिकता संशोधन कानून को भी जिस तरह पेश और पास किया गया है वह भी बेहद खतरनाक है. इसके कारण देश के सामने बहुत बड़ा संकट उपस्थित हो गया है.उनहोंने आगे कहा कि गन्ना लूट के खिलाफ किसान आंदोलन और भूमि लूट के खिलाफ गरीबों की लड़ाई चंपारण मे चल रही है उसे आगे बढाने के लिए 5फरवरी को महाराजा स्टेडियम बेतिया मे हो रही जन जन अधिकार रैली जिसमे भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव का० दीपंकर जी संबंधित करेंगे इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़ी संख्या में भागीदारी करने पर बल दिया बाद माले नेता ने कहा कि बिहार में स्कीम वर्करों के विभिन्न तबके संघर्ष के मैदान में हंै. एक महीने की हड़ताल के बाद आशा कार्यकर्ताओं को 1 हजार मानदेय देने की घोषणा हुई है. अब रसोइया संगठनों की हड़ताल चल रही है. इनकी मांगें बेहद वाजिब है. स्वास्थ्य सेवा, मिड डे मिल, आशा-आंगनबाड़ी आदि तबकों को सरकार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, यहां तक कि न्यूनतम मजदूरी देने से भी इंकार कर रही है. जो सरासर अन्याय है.इनके अलावा मोजमील मियां, विनोद कुशवाह, विनय प्रभाकर, राजन पटेल, सुजीत मुखर्जी, इनके के जिला संयोजक सुरेन्द्र कुमार चौधरी आदि लोगों ने संबोधित किया अंत मे जोखू चौधरी को पंचायत सचिव के रूप में चुनाव हुआ,
सुनील कुमार यादव
भूमि लूट- गन्ना लूट राज के खिलाफ खिलाफ खिलाफ बगही रतनपुरा पंचायत में संपन्न हुआ भाकपा माले का पंचायत सम्मेलन
बैरिया 27 जनवरी 2019 भाकपा माले के प्रथम पंचायत सम्मेलन बगही नाथ बाबा चौक पर समपन्न हुआ,सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य सह किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने कहा कि खेत मजदूरों गरीबों के लिए मोदी और नीतीश सरकार महाविपत्ति के रूप में है, सीलिंग से फाजिल, बेनामी,गैर मजरूआ, बेतिया राज की जमीन इत्यादि तमाम जमीनों से गरीब दलितों आदिवासियों को जमीन से वेदमती किया जा रही है, लोगों के घर को बुलडोजर से ढाए जा रहे हैं, 2,35000 धारियों में अधिकांश की जमीन की लूट हो रही है, वैसे तमाम बड़े भू स्वामियों की जमीन जो स्वामियों की जमीन जो अभी तक सेलिंग के दायरे में नहीं आ सकी है, वैसे हजारों एकड़ जमीन की लूट मची है, बड़े भूस्वामी और भू माफियाओं का भूमि लूट राज कायम का भूमि लूट राज कायम हो गया, उसी तरह से गन्ना किसानों का गाना लूट भी जारी है, गन्ना रेट कम कर सिर्फ वैरायटी का गन्ना चला निर्गत करने, चीनी मील तौल केंद्रो पर घटतौली के शिकार किसानों की परेशानी को चंपारण बंद कर नरेंद्र मोदी सरकार तक पहुंचा दिया गया, किंतु चीनी मिलों के प्रति लगाव ने किसानों को दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया है, इस साल गन्ना का मूल्य नहीं बढ़ा नरेंद्र मोदी के 5 वर्षों के कार्यकाल में मात्र एक बार गन्ना मूल्य बढ़ाया गया जबकि खाद बीज कीटनाशक कृषि यंत्रों का दाम 5 वर्षों में 3 से 5 गुना बढ़ गया है घाटे की खेती में किसानों का गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ना किसान आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं, सम्मेलन को भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सुनील कुमार यादव ने कहा कि आज मोदी राज में संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और उसके मूलभूत प्रावधानों को उलट देने काम किया जा रहा है. अंबेदकर ने सामाजिक पिछड़ान, छुआछुत आदि कुप्रथाओं को खत्म कर सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था, लेकिन आज मोेदी सरकार उसपर लगातार हमला कर ही है. हमने देखा कि मोदी सरकार ने आनन-फानन में आर्थिक आधार पर आरक्षण बिल को पेश किया और उसे पारित करवाया. यह संविधान के मूलभूत प्रावधानों के खिलाफ है. दरअसल, मोदी सरकार आरक्षण को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है और उसी एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रही है. अभी विश्वविद्यालयों में 200 प्वांयट रोस्टर को बदलकर 13 प्वायंट रोस्टर लागू किया जा रहा है. यदि यह लागू हो जाता है तो विश्वविद्यालयों में शिक्षक बहाली में आरक्षण लगभग खत्म हो जाएगा. देश के सामने आज ये बड़ी चुनौतियां है. नागरिकता संशोधन कानून को भी जिस तरह पेश और पास किया गया है वह भी बेहद खतरनाक है. इसके कारण देश के सामने बहुत बड़ा संकट उपस्थित हो गया है.उनहोंने आगे कहा कि गन्ना लूट के खिलाफ किसान आंदोलन और भूमि लूट के खिलाफ गरीबों की लड़ाई चंपारण मे चल रही है उसे आगे बढाने के लिए 5फरवरी को महाराजा स्टेडियम बेतिया मे हो रही जन जन अधिकार रैली जिसमे भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव का० दीपंकर जी संबंधित करेंगे इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़ी संख्या में भागीदारी करने पर बल दिया बाद माले नेता ने कहा कि बिहार में स्कीम वर्करों के विभिन्न तबके संघर्ष के मैदान में हंै. एक महीने की हड़ताल के बाद आशा कार्यकर्ताओं को 1 हजार मानदेय देने की घोषणा हुई है. अब रसोइया संगठनों की हड़ताल चल रही है. इनकी मांगें बेहद वाजिब है. स्वास्थ्य सेवा, मिड डे मिल, आशा-आंगनबाड़ी आदि तबकों को सरकार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, यहां तक कि न्यूनतम मजदूरी देने से भी इंकार कर रही है. जो सरासर अन्याय है.इनके अलावा मोजमील मियां, विनोद कुशवाह, विनय प्रभाकर, राजन पटेल, सुजीत मुखर्जी, इनके के जिला संयोजक सुरेन्द्र कुमार चौधरी आदि लोगों ने संबोधित किया अंत मे जोखू चौधरी को पंचायत सचिव के रूप में चुनाव हुआ,
सुनील कुमार यादव
Comments
Post a Comment