15 सूत्री मांगों के समर्थन में पूरे बिहार में चक्का जाम का आह्वान आँगनबाड़ी
सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया से सोनुभारत द्वाज की रिपोर्ट:-
बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दिनांक 8 और 9 जनवरी 2019 को राष्ट्रव्यापी मांग दिवस के अवसर पर अपने 15 सूत्री मांगों के समर्थन में पूरे बिहार में चक्का जाम का आह्वान किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत नौतन परियोजना पश्चिम चंपारण की सेविका सहायिकाओं ने नौतन प्रखंड कार्यालय के पास मुख्य मार्ग को घंटो जाम कर बिहार सरकार और भारत सरकार के प्रति अपना रोष प्रदर्शन किया। 15 सूत्री मांगों में मुख्य रूप से सेविका सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, जब तक दर्जा नहीं मिलता सेविका को ₹18000 और सहायिका को ₹12000 मानदेय देना, बिहार सरकार द्वारा सेविका को ₹7000 और सहायिका को साडे ₹4000 अतिरिक्त मानदेय देना देना, सेविका को पर्यवेक्षिका में और सहायिका को सेविका में पदोन्नति देना, आंगनवाड़ी में लूट खसोट बंद करना, जांच के नाम पर सेविका सहायिका को तंग तबाह और परेशान करना आदि मांगे शामिल है। कार्यक्रम का नेतृत्व नौतन परियोजना अध्यक्ष बीनू कुमारी, सचिव नीता कुमारी, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार, संरक्षक डॉ वसंत कुमार शर्मा और यूनियन के राज्य सचिव श्रीमती संध्या कुमारी, विद्यावती देवी,मीरा देवी,मधु देवी,आशा ज्योति, आशा राय, सरोज कुँवर, निर्मला देवी, रीमा देवी सहित सैकड़ों सेविका सहायिकाओं नें भाग लिया। 3000 में दम नहीं 18000 से कम नहीं, गूंगे बहरों की सरकार नहीं रहेगी नहीं रहेगी, हमारी मांगे पूरी हो चाहे जो मजबूरी हो, काम हमसे लेते हो मजदूरी क्यों नहीं देते हो आदि नारों से कार्यक्रम गूंजता रहा। उनका कहना था कि जब तक सरकार हमारी मांगों पर संतोषजनक वार्ता नहीं करती है हम आंदोलन पर डटे रहेंगे, हड़ताल पर डटे रहेंगे।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दिनांक 8 और 9 जनवरी 2019 को राष्ट्रव्यापी मांग दिवस के अवसर पर अपने 15 सूत्री मांगों के समर्थन में पूरे बिहार में चक्का जाम का आह्वान किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत नौतन परियोजना पश्चिम चंपारण की सेविका सहायिकाओं ने नौतन प्रखंड कार्यालय के पास मुख्य मार्ग को घंटो जाम कर बिहार सरकार और भारत सरकार के प्रति अपना रोष प्रदर्शन किया। 15 सूत्री मांगों में मुख्य रूप से सेविका सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, जब तक दर्जा नहीं मिलता सेविका को ₹18000 और सहायिका को ₹12000 मानदेय देना, बिहार सरकार द्वारा सेविका को ₹7000 और सहायिका को साडे ₹4000 अतिरिक्त मानदेय देना देना, सेविका को पर्यवेक्षिका में और सहायिका को सेविका में पदोन्नति देना, आंगनवाड़ी में लूट खसोट बंद करना, जांच के नाम पर सेविका सहायिका को तंग तबाह और परेशान करना आदि मांगे शामिल है। कार्यक्रम का नेतृत्व नौतन परियोजना अध्यक्ष बीनू कुमारी, सचिव नीता कुमारी, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार, संरक्षक डॉ वसंत कुमार शर्मा और यूनियन के राज्य सचिव श्रीमती संध्या कुमारी, विद्यावती देवी,मीरा देवी,मधु देवी,आशा ज्योति, आशा राय, सरोज कुँवर, निर्मला देवी, रीमा देवी सहित सैकड़ों सेविका सहायिकाओं नें भाग लिया। 3000 में दम नहीं 18000 से कम नहीं, गूंगे बहरों की सरकार नहीं रहेगी नहीं रहेगी, हमारी मांगे पूरी हो चाहे जो मजबूरी हो, काम हमसे लेते हो मजदूरी क्यों नहीं देते हो आदि नारों से कार्यक्रम गूंजता रहा। उनका कहना था कि जब तक सरकार हमारी मांगों पर संतोषजनक वार्ता नहीं करती है हम आंदोलन पर डटे रहेंगे, हड़ताल पर डटे रहेंगे।
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